दुर्गा विसर्जन 2026: शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
दुर्गा विसर्जन का समय
नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों की पूजा के बाद अब मां दुर्गा की विदाई का समय आ गया है। विजयादशमी के दिन भक्त दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन करते हैं। इस अवसर पर भक्त नम आंखों से माता रानी को विदाई देते हैं और अगले वर्ष फिर से आने की प्रार्थना करते हैं। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों में दुर्गा विसर्जन की परंपरा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। यदि आप भी आज माता रानी की विदाई की तैयारी कर रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त और पूजा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को जान लें।
दुर्गा विसर्जन 2026 का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष विजयादशमी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। भक्त इस दिन दोपहर में दुर्गा विसर्जन की रस्म पूरी कर सकते हैं।
दुर्गा विसर्जन की तारीख: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक
मुहूर्त की कुल अवधि: 2 घंटे 16 मिनट
मां दुर्गा की विदाई से पहले की जाने वाली क्रियाएँ
विसर्जन से पूर्व मां दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा करें। माता रानी के समक्ष दीप जलाएं और आरती करके फूल, फल, मिठाई और प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना करें।
कई स्थानों पर माता को सिंदूर, चुनरी और श्रृंगार की सामग्री चढ़ाने की परंपरा भी निभाई जाती है। पश्चिम बंगाल जैसे कुछ क्षेत्रों में महिलाएं सिंदूर खेला करती हैं, जिसमें वे एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख और सौभाग्य की कामना करती हैं।
दुर्गा विसर्जन का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा की पूजा शक्ति, साहस और सकारात्मकता का प्रतीक है। नवरात्रि के दौरान भक्त देवी के नौ स्वरूपों की आराधना करके सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
विजयादशमी पर विसर्जन के साथ नवरात्रि उत्सव का समापन होता है। यह परंपरा मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उन्हें अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण देने से जुड़ी है। भक्तों का विश्वास है कि माता रानी की कृपा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
