नाखूनों के माध्यम से ग्रहों की स्थिति का ज्ञान
इस लेख में हम नाखूनों के माध्यम से ग्रहों की स्थिति के संकेतों के बारे में जानेंगे। हर ग्रह का नाखूनों पर अलग प्रभाव होता है, जैसे कमजोर बुध, राहु, शुक्र, बृहस्पति, केतु और शनि के लक्षण। साथ ही, इन ग्रहों की कमजोर स्थिति के प्रभाव और उपायों पर भी चर्चा की जाएगी। जानें कैसे नाखूनों के रंग और आकार से ग्रहों की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
| Jun 29, 2026, 14:28 IST
ग्रहों का प्रभाव और नाखून
हर व्यक्ति के जीवन में ग्रहों का अलग-अलग प्रभाव होता है। यदि किसी की कुंडली में किसी ग्रह की स्थिति कमजोर है, तो यह उसके भाग्य को प्रभावित कर सकता है। नाखूनों के माध्यम से भी ग्रहों की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। लाल किताब के अनुसार, नाखूनों के आकार, प्रकार और रंग ग्रहों की स्थिति के संकेत देते हैं। उदाहरण के लिए, यदि नाखूनों में हरापन है, तो यह बुध की कमजोर स्थिति का संकेत हो सकता है।
कमजोर बुध के लक्षण
जब बुध ग्रह कमजोर होता है, तो इसका असर हाथ के नाखूनों पर भी दिखाई देता है। लाल किताब के अनुसार, ऐसे व्यक्तियों के नाखून गोल होते हैं या उनमें हल्का हरापन होता है।
प्रभाव
ज्योतिष में बुध को वाणी, बुद्धि और व्यापार का कारक माना जाता है। यदि बुध अशुभ होता है, तो जातक को शिक्षा में बाधाएं आ सकती हैं और व्यापार में भी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जो आर्थिक संकट का कारण बनती हैं।
उपाय
बुधवार को हरे कपड़े पहनना और गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए। भगवान गणेश की पूजा करें और सुबह घास पर नंगे पैर चलें। बुध के मंत्र 'ऊँ बुं बुधाय नम:' का 108 बार जाप करें।
कमजोर राहु के लक्षण
यदि कुंडली में राहु कमजोर है, तो ऐसे व्यक्तियों के नाखून चौड़े और बिना चोट के नीले रंग के दिखाई देते हैं। हाथ के नाखून झुके हुए या सिक्के के रंग के हो सकते हैं, जो कमजोर राहु का संकेत है।
प्रभाव
राहु की कमजोर स्थिति से जातक के मन में अजीब डर बना रहता है। कभी-कभी भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे निर्णय लेने में कठिनाई होती है। इसका स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उपाय
राहु के लिए 'ऊँ रां राहवे नम:' मंत्र का 108 बार जाप करें और भगवान शिव के मंदिर में जलाभिषेक करें।
कमजोर शुक्र के लक्षण
यदि नाखून छोटे और सफेद रंग के हैं, तो यह कमजोर शुक्र का संकेत है। ऐसे जातकों को शुक्र के प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रभाव
शुक्र को सुखद दांपत्य जीवन और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है। यदि शुक्र कमजोर है, तो व्यक्ति को वैवाहिक जीवन में समस्याएं और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय
शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का दान करें और 'ऊँ शुं शुक्राय नम:' मंत्र का 108 बार जाप करें। संभव हो तो शुक्रवार को सफेद या गुलाबी कपड़े पहनें।
कमजोर बृहस्पति के लक्षण
यदि नाखून छोटे और पीले रंग के हैं, तो यह कमजोर बृहस्पति का संकेत है। लंबे नाखून और सोने जैसे रंग के नाखून भी कमजोर गुरु का संकेत होते हैं।
प्रभाव
बृहस्पति भाग्य, ज्ञान और विवाह का कारक है। यदि गुरु कमजोर है, तो व्यक्ति को करियर में रुकावट और विवाह में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
उपाय
गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान करें और नहाने के पानी में हल्दी मिलाकर स्नान करें।
कमजोर केतु के लक्षण
यदि नाखून लंबे और तंग हैं, तो यह कमजोर केतु का संकेत है। चितकबरे नाखून भी कमजोर केतु का संकेत होते हैं।
प्रभाव
केतु को छाया ग्रह माना जाता है। यदि केतु कमजोर है, तो यह भाग्य में कमी और निर्णय लेने में उलझन पैदा कर सकता है।
उपाय
भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें। कुत्ते को रोटी खिलाना भी शुभ माना जाता है। 'ऊँ कें केतवे नम:' मंत्र का 108 बार जाप करें।
कमजोर शनि के लक्षण
यदि नाखून मीडियम साइज के हैं और उनमें कालापन है, तो यह शनि की प्रतिकूलता का संकेत है। शनि न्याय और कर्म का देवता है।
प्रभाव
शनि की कमजोर स्थिति से व्यक्ति को करियर में अनुकूल परिणाम नहीं मिलते हैं। कार्यों में बाधाएं आती हैं और जीवन में संघर्षों का सामना करना पड़ता है।
उपाय
शनिवार को गरीबों को काले वस्त्र और काला छाता दान करें। शनिदेव के मंदिर में जाकर सरसों का तेल अर्पित करें और 'ऊँ शं शनैश्चराय नम:' मंत्र का 108 बार जाप करें।
