भानु सप्तमी 2026: सूर्य पूजा का महत्व और विशेष उपाय
भानु सप्तमी का महत्व
नई दिल्ली: इस वर्ष 7 जून 2026 को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार को आ रही है, जिसे भानु सप्तमी के नाम से जाना जाता है। यह दिन हिंदू धर्म में सूर्य देव को समर्पित माना जाता है और विशेष रूप से नौकरी, करियर और व्यापार से जुड़े व्यक्तियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ज्योतिष के अनुसार, सूर्य देव आत्मविश्वास, नेतृत्व और सफलता के प्रतीक माने जाते हैं। इस दिन सूर्य की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने की मान्यता है।
भानु सप्तमी का विशेष महत्व
क्यों है भानु सप्तमी खास?
जब सप्तमी तिथि रविवार को होती है, तब इसे भानु सप्तमी कहा जाता है। चूंकि रविवार सूर्य देव का दिन है, इस दिन की पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन की पूजा से रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और करियर में सफलता के नए रास्ते खुलते हैं। नई नौकरी, प्रमोशन या व्यापार में उन्नति की इच्छा रखने वालों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ है।
पूजा विधि
कैसे करें पूजा?
भानु सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। पूजा के दौरान 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। इस दिन जरूरतमंदों को दान देना भी शुभ माना जाता है।
क्या न करें?
इस दिन क्या ना करें?
भानु सप्तमी पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
- नमक का सेवन न करें
- दिन में सोना शुभ नहीं माना जाता
- नॉनवेज और शराब का सेवन न करें
- काले कपड़े पहनकर सूर्य पूजा न करें
- सूर्यास्त के बाद सूर्य देव को जल न चढ़ाएं
- लोहे या स्टील के बर्तन से अर्घ्य न दें
- पिता और बुजुर्गों का अपमान न करें
सूर्य पूजा के लाभ
सूर्य पूजा से मिलते हैं ये लाभ
मान्यता है कि भानु सप्तमी पर श्रद्धा से की गई पूजा से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। करियर और व्यापार में सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं। इसके अलावा, घर में सुख-शांति और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है। यह दिन स्वास्थ्य के लिए भी शुभ माना जाता है, विशेषकर आंखों और त्वचा से संबंधित समस्याओं में लाभ मिलने की संभावना होती है।
