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शनिवार को शनिदेव की कृपा पाने के लिए मंत्र और उपाय

शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है, और इस दिन विशेष मंत्रों का जाप करने से शनि दोष और साढ़ेसाती के कष्टों से मुक्ति मिल सकती है। इस लेख में हम शनिदेव के विभिन्न मंत्रों और शनि दोष से राहत पाने के उपायों के बारे में चर्चा करेंगे। जानें कैसे आप शनिदेव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
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शनिवार का महत्व

हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है। शनिवार का दिन विशेष रूप से न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित है। यदि आप शनिदेव की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष से परेशान हैं, तो आपको शनिदेव के कुछ मंत्रों का जाप करना चाहिए।


शनि मंत्रों का जाप

इन मंत्रों का जाप करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और साढ़ेसाती, शनि दोष और ढैय्या के कष्टों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं कि शनिवार को किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।


शनि मूल मंत्र

ॐ शं शनैश्चराय नमः।


शनि बीज मंत्र

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।


शनि गायत्री मंत्र

ॐ सूर्यात्मजाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नः सौरिः प्रचोदयात्॥


शनि प्रणाम मंत्र

ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।


छाया मार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम्‌॥


शनि वैदिक मंत्र

ॐ शन्नोदेवीर भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।


शनि एकाक्षरी मंत्र

शं॥


साढ़ेसाती मंत्र

ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम्।


उर्वारुक मिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात्।।


ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।संयोरभिश्रवन्तु न:। ऊँ शं शनैश्चराय नमः।।


ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामिशानश्चराम।।


ॐ शन्नोदेवीरभिस्ताय आपो भवन्तु पीतये


शनयोरभिस्रवन्तु नः, ॐ समं शनैश्चराय नमः।


ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजं


छायामार्तण्डसंभूतं तम नमामि शनैश्चरम।


शनि दोष से मुक्ति के उपाय

यदि आप शनि दोष, ढैय्या और साढ़ेसाती के कष्टों से परेशान हैं, तो कुछ विशेष उपाय अपनाकर राहत पा सकते हैं।


हर शनिवार को सुबह स्नान के बाद पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और पेड़ की 7 बार परिक्रमा करें। यह उपाय शनि दोष के प्रभाव को कम करता है।


शनिवार को शनिदेव की विधिविधान से पूजा करें और श्रद्धा से 'शनि स्तुति' का पाठ करें।


धार्मिक मान्यता के अनुसार, शनिदेव हनुमान जी के भक्तों को कष्ट नहीं पहुंचाते हैं। इसलिए शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें और नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें।


शनिदेव की कृपा पाने के लिए हर शनिवार को अपने सामर्थ्य के अनुसार काले तिल, काले कपड़े, साबुत उड़द, सरसों का तेल और गुड़ का दान करें।


ऐसे कार्यों से दूर रहें जो शनिदेव को रुष्ट कर सकते हैं। गरीबों, असहायों और बुजुर्गों का अपमान न करें।


अच्छे कर्म करने वाले लोगों पर शनिदेव की कृपा बनी रहती है। इसलिए अपने कर्मों को अच्छा रखें।