सावन 2026 का समापन: जानें अंतिम सोमवार और मंगला गौरी व्रत की तिथियां
सावन का पवित्र महीना समाप्ति की ओर
नई दिल्ली: सावन 2026 का पवित्र महीना अब अपने अंतिम चरण में है, और शिवभक्त जानना चाहते हैं कि यह कब समाप्त होगा। पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा, जबकि भाद्रपद मास का आरंभ अगले दिन से होगा। यह समय शिव पूजा, जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण, दान-पुण्य और पारिवारिक मंगल कामनाओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
सावन का समापन और महत्वपूर्ण तिथियां
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का प्रिय समय है। इस महीने में सावन सोमवार, मंगला गौरी व्रत, शिव पूजा और श्रावण पूर्णिमा जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं। भक्त पूरे महीने व्रत, अभिषेक और दान करते हैं। अब सावन के समापन के साथ भक्त अंतिम सोमवार और मंगलवार की तैयारियों में जुट गए हैं।
सावन कब समाप्त होगा, यही है अंतिम दिन
पंचांग के अनुसार, सावन 2026 का समापन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ होगा। इसके अगले दिन से भाद्रपद मास का आरंभ होगा। शिवभक्त इस तिथि को विशेष पूजा, स्नान और दान के लिए शुभ मानते हैं। सावन समाप्त होने के साथ रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन किए गए पुण्य कर्मों का विशेष फल मिलता है।
आखिरी सावन सोमवार का महत्व
इस बार सावन का चौथा और आखिरी सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा। भक्त इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं, बेलपत्र अर्पित करते हैं और दिनभर व्रत रखकर महादेव की आराधना करते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया जलाभिषेक और शिव मंत्रों का जप जीवन में सुख, शांति और मनोकामना पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। इसलिए अंतिम सोमवार का विशेष महत्व है।
मंगला गौरी व्रत पर दुर्लभ संयोग
सावन का चौथा और अंतिम मंगला गौरी व्रत 25 अगस्त को होगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं मां गौरी की पूजा कर पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
पंडित राकेश झा के अनुसार, इस बार अंतिम मंगला गौरी व्रत पर भौम प्रदोष व्रत का शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में व्रती श्रद्धापूर्वक पूजा करके दोनों व्रतों का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।
श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन का शुभ योग
श्रावण पूर्णिमा 28 अगस्त को मनाई जाएगी, और इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी है। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह 9:09 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9:49 बजे तक रहेगी। इस दिन पवित्र नदी में स्नान, दान, व्रत और भगवान शिव की पूजा को अत्यंत शुभ माना गया है।
बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगी और श्रावण मास का समापन धार्मिक उल्लास के साथ होगा।
सावन के अंतिम दिनों की प्रमुख तिथियां
श्रावण मास के अंतिम सप्ताह में ये चार तिथियां सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं:
- 17 अगस्त तीसरा सावन सोमवार व्रत
- 18 अगस्त तीसरा मंगला गौरी व्रत
- 24 अगस्त आखिरी सावन सोमवार
- 25 अगस्त आखिरी मंगला गौरी व्रत
- 28 अगस्त श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन
