सावन में हिमाचल के प्रमुख शिव मंदिरों की यात्रा
सावन का महीना और शिव पूजा
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान शिव भक्तों की संख्या मंदिरों में काफी बढ़ जाती है। यदि आप इस महीने यात्रा के साथ-साथ भोलेनाथ के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो हिमाचल प्रदेश एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यहाँ कई ऊँचाई पर स्थित मंदिर हैं, जिन तक पहुँचने का सफर उतना ही मनमोहक होता है जितना कि यहाँ के दृश्य।
बिजली महादेव मंदिर
कुल्लू में स्थित बिजली महादेव मंदिर हिमाचल प्रदेश का एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है, जो लगभग 2,460 मीटर की ऊँचाई पर है। यहाँ से कुल्लू और पार्वती घाटी का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। इस मंदिर की मान्यता है कि समय-समय पर शिवलिंग पर बिजली गिरती है, जिसे पुजारी पारंपरिक तरीके से जोड़ते हैं। इसी कारण इसे बिजली महादेव कहा जाता है।
बैजनाथ शिव मंदिर
कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ मंदिर भी भोलेनाथ को समर्पित है। यह धौलाधार पर्वत की तलहटी में स्थित है और अपनी सुंदर पत्थर की नक्काशी और प्राचीन इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यहाँ तपस्या की थी। सावन के महीने में यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
मणिमहेश
चंबा जिले में मणिमहेश भगवान भोलेनाथ का एक पवित्र स्थल है। यहाँ मणिमहेश झील और इसके पीछे की मणिमहेश पीक बेहद आकर्षक लगती है। सावन और जन्माष्टमी के समय यहाँ मणिमहेश यात्रा का आयोजन होता है। मणिमहेश कैलाश चोटी की ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 5,653 मीटर है।
अर्द्धनारीश्वर मंदिर
मंडी शहर, जिसे छोटी काशी कहा जाता है, में कई प्राचीन मंदिर हैं, जिनमें से एक अर्द्धनारीश्वर मंदिर है। यह भगवान शिव और माता पार्वती की शक्ति का प्रतीक है। पहाड़ों के बीच बसा यह शहर सावन के महीने में विशेष धार्मिक माहौल प्रस्तुत करता है।
यात्रा के लिए सुझाव
यदि आप सावन के महीने में हिमाचल के ऊँचाई वाले शिव मंदिरों की यात्रा करने का विचार बना रहे हैं, तो मौसम की जानकारी पहले से ले लें। बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें फिसलने का खतरा हो सकता है। इसलिए अच्छे ग्रिप वाले जूते पहनें और साथ में छाता या रेनकोट रखें। ट्रैकिंग वाले मंदिरों में जाने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति का ध्यान रखें।
