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IIT रोपड़ का एआई टूल: किसान मोबाइल से फसल की तस्वीरें भेजकर जान सकेंगे बीमारियों के बारे में

IIT रोपड़ ने एक नई एआई तकनीक विकसित की है, जो किसानों को अपने खेतों की फसल की तस्वीरें मोबाइल से भेजकर संभावित बीमारियों की पहचान करने में मदद करेगी। हाल ही में अंबाला में आयोजित किसान जागरूकता अभियान में इस तकनीक की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्राकृतिक और जैविक खेती के तरीकों पर भी चर्चा की गई। किसानों को 5100 पौधे लगाने का लक्ष्य भी दिया गया है। जानें इस तकनीक के बारे में और कैसे यह किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
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किसान जागरूकता अभियान का आयोजन


कार्यक्रम में किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई
IIT रोपड़, अंबाला: हाल ही में हरियाणा के अंबाला में मार्केट कमेटी द्वारा किसान जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बलाना गांव के माता मनसा देवी मंदिर में आयोजित हुआ। इस अवसर पर किसानों को कृषि और उससे संबंधित विभिन्न योजनाओं, तकनीकों और सुविधाओं की जानकारी एक ही मंच पर प्रदान की गई।


आईआईटी रोपड़ का एआई टूल

कार्यक्रम के दौरान किसानों को बताया गया कि आईआईटी रोपड़ में एआई आधारित टूल्स पर कार्य चल रहा है। इन टूल्स की मदद से किसान अपने खेत की फसल की तस्वीरें मोबाइल से अपलोड कर सकते हैं, जिससे उन्हें संभावित बीमारियों या कीट समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। इस पहल के बारे में नार्दर्न फार्मर फेडरेशन के अध्यक्ष पुनीत सिंह थिंद ने जानकारी दी।


प्राकृतिक और जैविक तरीकों की जानकारी

इस कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन, वन, बैंकिंग, स्वयं सहायता समूह, राजस्व विभाग, एफपीओ, वीटा और मार्केट कमेटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक तरीकों को अपनाकर मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण संरक्षण और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के उपाय बताए।


5100 पौधे लगाने का लक्ष्य

किसानों को यह बताया गया कि वे अपनी खेती के साथ पशुपालन को भी व्यवस्थित तरीके से जोड़ सकते हैं। पशुओं के गोबर और मूत्र का उचित प्रबंधन करके बायोगैस का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे जैविक उर्वरक तैयार किया जा सकता है। इस कार्यक्रम के तहत किसानों को एक नाम - एक पौधा वितरित किया गया और 5100 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।