OpenAI ने बच्चों के लिए ChatGPT में सुरक्षा फीचर्स जोड़े
नई सुरक्षा पहल का परिचय
नई दिल्ली: ओपनएआई, जो कि प्रसिद्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट 'चैटजीपीटी' का निर्माता है, ने 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और किशोरों के लिए अपनी सेवाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कंपनी ने एक नया 'टीन फीचर' और 'चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप्रिंट' पेश किया है, जिसका उद्देश्य बच्चों को एआई का सुरक्षित और सही उपयोग सिखाना है। इसके अंतर्गत, चैटजीपीटी न केवल बच्चों के अध्ययन के तरीकों में बदलाव लाएगा, बल्कि माता-पिता को अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष अधिकार भी प्रदान करेगा।
किशोरों के लिए अलग अनुभव
ओपनएआई के नए अपडेट के अनुसार, 18 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए चैटजीपीटी का अनुभव पूरी तरह से अलग होगा। जब सिस्टम को पता चलेगा कि उपयोगकर्ता की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो वह अपने आप 'टीन एक्सपीरियंस मोड' में बदल जाएगा। इस विशेष मोड में हिंसक सामग्री, आत्महत्या से संबंधित विषयों और इंटरनेट के खतरनाक ट्रेंड्स पर सख्त सुरक्षा नियम लागू होंगे। कंपनी का स्पष्ट उद्देश्य बच्चों को तकनीक से दूर रखना नहीं है, बल्कि उन्हें जिम्मेदारी से एआई का उपयोग करना सिखाना है।
स्टडी मोड में बदलाव
छात्रों के लिए ओपनएआई ने 'स्टडी मोड' में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले बच्चे होमवर्क या सवालों के सीधे उत्तर पाने के लिए चैटजीपीटी का उपयोग करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए मोड में, चैटजीपीटी बच्चों को सवालों का सीधा उत्तर देने के बजाय स्टेप-बाय-स्टेप समाधान प्रदान करेगा। यह बदलाव इस उद्देश्य से किया गया है कि छात्र केवल कॉपी-पेस्ट करने के बजाय खुद से सोचकर समाधान तक पहुंच सकें, जिससे उनकी सीखने की क्षमता में सुधार हो सके।
पैरेंटल कंट्रोल और ब्रेक रिमाइंडर
बच्चों को स्क्रीन की लत से बचाने के लिए ओपनएआई ने एक नया 'ब्रेक रिमाइंडर' फीचर जोड़ा है। यदि कोई किशोर लंबे समय तक चैटजीपीटी का उपयोग करता है, तो एआई उसे ब्रेक लेने की सलाह देगा। इसके अलावा, माता-पिता को नए और मजबूत 'पैरेंटल कंट्रोल' दिए गए हैं, जिससे वे यह तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा एआई का उपयोग कैसे कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा सेटिंग्स में बदलाव कर सकेंगे।
चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप्रिंट
ओपनएआई ने अपने नए फीचर्स के साथ एक विस्तृत 'चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप्रिंट' भी जारी किया है। इस ब्लूप्रिंट को तैयार करने में कंपनी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से महत्वपूर्ण सुझाव लिए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य एआई के माध्यम से बच्चों के यौन शोषण, गलत या बदले हुए कंटेंट और खतरनाक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मजबूत कानूनी, तकनीकी और सुरक्षा उपाय तैयार करना है।
