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केंद्र सरकार का बड़ा कदम: इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों की उम्र सीमा बढ़ाने की योजना

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक और CNG कमर्शियल वाहनों की उम्र सीमा को 5 साल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मंत्रालय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण संशोधन का सुझाव दिया है, जिसमें नेशनल परमिट की प्रक्रिया को सरल बनाना भी शामिल है। जानें इस प्रस्ताव के संभावित प्रभाव और सरकार की योजनाओं के बारे में।
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सरकार की नई पहल


केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक और सीएनजी कमर्शियल वाहनों के मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करने जा रही है। मंत्रालय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग (MoRTH) ने इन वाहनों की उम्र सीमा को 5 साल तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।


इस प्रस्ताव में सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR), 1989 में संशोधन करने के साथ-साथ नेशनल परमिट की मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई है।


कमर्शियल वाहनों की उम्र सीमा में वृद्धि

MoRTH ने नेशनल परमिट सिस्टम के तहत वाहनों की उम्र सीमा को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण संशोधन का प्रस्ताव रखा है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो वर्तमान 12 और 15 साल की उम्र सीमा बढ़कर 17 और 20 साल हो जाएगी। यह नया नियम केवल रूल 88 के अंतर्गत आने वाले वाहनों पर लागू होगा।


सरकार का ईवी ट्रकों को बढ़ावा

यह प्रस्ताव उस समय आया है जब केंद्र सरकार कमर्शियल ट्रांसपोर्ट में स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। नीति आयोग की 2025 की ईवी रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक ट्रकों की बिक्री में कमी आई है, और 2024 में केवल 6,220 इलेक्ट्रिक ट्रकों की बिक्री हुई, जिनमें से 3.5 टन वाले केवल 280 वाहन थे। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन वाहनों की कीमतें अधिक हैं और फाइनेंसिंग के विकल्प सीमित हैं, जो इलेक्ट्रिक ट्रकों के विकास में बाधा डालते हैं।


नेशनल परमिट प्रक्रिया को सरल बनाना

MoRTH ने नेशनल परमिट की मंजूरी प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने पर जोर दिया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, वाहन मालिकों को हर साल मंजूरी लेने के बजाय 5 साल में एक बार मंजूरी लेने की अनुमति दी जाएगी। यदि एक साल का शुल्क 16,500 रुपये है, तो 5 साल के लिए यह शुल्क 82,500 रुपये होगा।