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ग्रेटर नोएडा में बनेगी पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड का निर्माण शुरू हो गया है, जो शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने में मदद करेगा। यह परियोजना एनएचएआई और अन्य प्राधिकरणों के सहयोग से बनाई जा रही है। नई डिजाइन के अनुसार, यह सड़क लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें दो मंजिलें होंगी। इससे यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
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ग्रेटर नोएडा में नई सड़क परियोजना

ग्रेटर नोएडा: वेस्ट क्षेत्र के निवासियों के लिए एक सुखद समाचार है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से परेशान शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक में अब प्रदेश की पहली डबल डेकर (दो मंजिला) एलिवेटेड रोड का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के सहयोग से बनाई जाएगी।


अधिकारियों के अनुसार, पहले यहां चार लेन की एलिवेटेड रोड बनाने का विचार था, लेकिन जगह की कमी के कारण डिजाइन में बदलाव किया गया है। अब सलाहकार एजेंसी की सिफारिश पर दो मंजिला, तीन-तीन लेन वाली डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनाने का निर्णय लिया गया है। एनएचएआई के अधिकारियों ने इस संबंध में प्रस्तुतीकरण भी दिया है।



यह परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर चौड़ी सड़क से शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (एनएच-9) तक लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी होगी। योजना के अनुसार, पहली मंजिल से ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद की ओर जाने वाला यातायात संचालित होगा, जबकि दूसरी मंजिल से गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा की ओर आने वाले वाहन गुजरेंगे। नीचे की मौजूदा सड़क स्थानीय निवासियों और आसपास के यातायात के लिए पहले की तरह खुली रहेगी।


परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर ने बताया कि एलिवेटेड रोड की प्रत्येक मंजिल की चौड़ाई लगभग 9 से 10 मीटर होगी, जिससे तीन लेन का सुगम आवागमन संभव होगा। इससे रोजाना हजारों वाहन बिना किसी बाधा के आवागमन कर सकेंगे और शाहबेरी क्षेत्र में लगने वाले लंबे जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।


ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह के अनुसार, सामान्य चार लेन की एलिवेटेड रोड के लिए लगभग 15 मीटर चौड़ाई की आवश्यकता होती है, जबकि शाहबेरी क्षेत्र में अधिकतम 14 मीटर जगह ही उपलब्ध है। इसी कारण नई डिजाइन तैयार की गई है। डबल डेकर मॉडल में मात्र 12 मीटर चौड़ाई के भीतर कुल छह लेन विकसित की जा सकेंगी। परियोजना में आधुनिक यू-शेप पीयर तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे कम स्थान में मजबूत और सुरक्षित संरचना तैयार की जा सकेगी।


डिजाइन में बदलाव के साथ ही परियोजना की लागत भी बढ़ गई है। पहले इस एलिवेटेड रोड पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था, लेकिन अब डबल डेकर डिजाइन अपनाने के बाद इसकी अनुमानित लागत बढ़कर करीब 900 करोड़ रुपये हो गई है।


यदि यह परियोजना निर्धारित समय पर पूरी होती है, तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट, शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद और एनएच-9 के बीच यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।