Newzfatafatlogo

चक्रवात 'मुरासू' से आंध्र प्रदेश में बिजली आपूर्ति प्रभावित

आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासू' ने प्रकाशम और बापटला जिलों में बिजली वितरण प्रणाली को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। एपीसीपीडीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि 1,367 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसमें से 597 गांवों में बिजली बहाल कर दी गई है। बाकी गांवों में बहाली का कार्य जारी है। जानें इस संकट के बारे में और अधिक जानकारी।
 | 

चक्रवात का प्रभाव


आंध्र प्रदेश सेंट्रल पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एपीसीपीडीसीएल) के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों, खासकर प्रकाशम और बापटला जिलों में चक्रवात 'मुरासू' ने बिजली वितरण प्रणाली को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।


एपीसीपीडीसीएल के सीएमडी पी पुल्ला रेड्डी ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि चक्रवात के कारण 211 '33/11' केवी सबस्टेशन, 106 '33 केवी' फीडर, 270 '33 केवी' बिजली के खंभे, 825 '11 केवी' फीडर, 1,530 '11 केवी' बिजली के खंभे और 950 'एलटी' खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।


उन्होंने बताया कि चक्रवात के चलते कुल 1,367 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। अब तक 597 गांवों में बिजली बहाल कर दी गई है, जबकि शेष 770 गांवों में बहाली का कार्य जारी है। बापटला और प्रकाशम जिलों के अलावा, चिलकलुरीपेट क्षेत्र में भी तेज हवाओं और बारिश का असर देखा गया है।


बिजली बहाली की प्रक्रिया

सीएमडी पुल्ला रेड्डी ने बताया कि 33/11 केवी नेटवर्क के 32 सबस्टेशनों में समस्याएं आई थीं। इनमें से 13 सबस्टेशनों को ठीक कर चालू कर दिया गया है, जबकि लगातार बारिश के कारण बाकी 19 सबस्टेशनों में मरम्मत का कार्य रुका हुआ है।


बिजली आपूर्ति को शीघ्र बहाल करने के लिए एपीसीपीडीसीएल के तहत प्रकाशम और बापटला जिलों में लगभग 1,500 कर्मचारी तैनात हैं। ये टीमें क्षतिग्रस्त खंभों, बिजली की लाइनों और अन्य उपकरणों की मरम्मत में जुटी हुई हैं।


उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों में बिजली बहाल करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है।


सीएमडी ने निदेशक (तकनीकी) मुरलीकृष्ण यादव के साथ मिलकर चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाली की प्रगति की समीक्षा की।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाकी गांवों में बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए। उन्होंने जनता से अपील की कि बिजली से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें तुरंत टोल-फ्री नंबर 1912 पर दर्ज कराएं।