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त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी

त्योहारी सीजन में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में 3 से 8% तक की वृद्धि की संभावना है। एयर कंडीशनर की कीमतों में सबसे अधिक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव ने उत्पादन लागत को प्रभावित किया है। हालांकि, ग्राहकों को दिवाली तक पुराने स्टॉक पर खरीदारी का मौका मिल सकता है। जानें इस विषय में और क्या जानकारी है।
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त्योहारी सीजन में कीमतों में वृद्धि

नई दिल्ली - यदि आप त्योहारी सीजन में एयर कंडीशनर, फ्रिज, LED टीवी या वॉशिंग मशीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण कंपनियां 1 अक्टूबर से कई उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही हैं। उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार, विभिन्न उत्पादों की कीमतों में 3 से 8% तक की वृद्धि हो सकती है।


कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर, स्टील और एल्युमीनियम जैसे प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव ने उत्पादन लागत को प्रभावित किया है। यह कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में कीमतों में तीसरी बार वृद्धि होगी।


एयर कंडीशनर की कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि

विशेषज्ञों के अनुसार, एयर कंडीशनर की कीमतों में 5 से 8% तक की वृद्धि होने की संभावना है। वहीं, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और LED टीवी की कीमतों में लगभग 3 से 4% की बढ़ोतरी हो सकती है।


कई कंपनियों जैसे ब्लू स्टार, गोदरेज एप्लायंसेज, हायर, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रोनिक्स ने कीमतों में वृद्धि की जानकारी दी है। कुछ कंपनियों ने उत्पाद और मॉडल के आधार पर 4 से 10% तक मूल्य संशोधन की बात कही है। LG और बॉश होम कम्फर्ट से जुड़े AC उत्पादों की कीमतों में लगभग 5% की बढ़ोतरी की गई है। पैनासोनिक अभी मूल्य परिवर्तन की समीक्षा कर रही है।


हायर का मूल्य वृद्धि का ऐलान

हायर इंडिया के प्रेसिडेंट एनएस सतीश ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की कीमत पिछले एक साल में 8,000-9,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर लगभग 14,500 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। एक एयर कंडीशनर में औसतन 3 से 4 किलो कॉपर का उपयोग होता है। इस वजह से कंपनी 1 अक्टूबर से AC की कीमतों में लगभग 5% की वृद्धि करेगी।


उन्होंने यह भी कहा कि अक्टूबर से जनवरी के बीच लागत के दबाव के आधार पर विभिन्न चरणों में कुल 15% तक की मूल्य वृद्धि की संभावना है।


दिवाली तक ग्राहकों को राहत

हालांकि, त्योहारी सीजन में कीमतों में वृद्धि का असर तुरंत बिक्री पर सीमित रहने की उम्मीद है। इसका मुख्य कारण यह है कि डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने अगस्त और सितंबर में प्री-बाइंग की है। कंपनियों और व्यापारियों के पास पहले से खरीदा गया पुराना स्टॉक मौजूद है।


उद्योग के जानकारों के अनुसार, सप्लाई चेन में लगभग 1 से 1.5 महीने का पुराना स्टॉक है। इस कारण ग्राहकों को दिवाली तक कुछ उत्पाद पुरानी कीमतों पर खरीदने का अवसर मिल सकता है। नई कीमतों का पूरा प्रभाव स्टॉक खत्म होने के बाद ही बाजार में दिखाई देगा।


ग्राहकों के लिए खरीदारी का अवसर

यदि कोई ग्राहक AC, फ्रिज, टीवी या वॉशिंग मशीन खरीदने की योजना बना रहा है, तो मौजूदा स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर उसे पुराने दाम पर खरीदारी का मौका मिल सकता है। हालांकि, पुराने स्टॉक की कीमत हर मॉडल और डीलर के अनुसार भिन्न हो सकती है। प्रस्तावित मूल्य वृद्धि के बाद त्योहारी खरीदारी का कुल बजट पहले की तुलना में बढ़ सकता है।