त्योहारी सीजन में हवाई यात्रा पर बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, टिकटों की कीमतों में भारी इजाफा
नई दिल्ली में हवाई यात्रा पर महंगाई का असर
नई दिल्ली: त्योहारी मौसम के दौरान घर जाने और छुट्टियों की योजना बना रहे हवाई यात्रियों को एक बड़ा आर्थिक झटका लगा है। देश की प्रमुख घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों के कारण फ्यूल सरचार्ज में भारी वृद्धि की घोषणा की है। यह नई दरें 6 अक्टूबर 2026 की रात 12:01 बजे से प्रभावी होंगी। इसके तहत घरेलू उड़ानों के टिकटों में 375 रुपये से लेकर 1,300 रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 1,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।
जेट फ्यूल की कीमतों में भारी वृद्धि
इंडिगो के अनुसार, पिछले एक महीने में एटीएफ की कीमतों में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे विमान ईंधन की दरें लगभग एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च में एटीएफ का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत होता है। ऐसे में ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण उड़ानों का संचालन महंगा हो गया है, जिसके चलते कंपनी को यह अतिरिक्त बोझ यात्रियों पर डालना पड़ा है।
दूरी के अनुसार बढ़ेगा खर्च
घरेलू उड़ानों में फ्यूल सरचार्ज को दूरी के आधार पर निर्धारित किया गया है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक महंगी हो जाएगी। 500 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए यात्रियों को 375 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। 501 से 1,000 किलोमीटर की उड़ानों पर 600 रुपये और 1,001 से 1,500 किलोमीटर की यात्रा पर 900 रुपये का इजाफा होगा। वहीं, 1,501 से 2,000 किलोमीटर तक के टिकट पर 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक की लंबी घरेलू उड़ानों पर 1,300 रुपये तक अधिक चुकाने होंगे।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भारी बढ़ोतरी
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज 1,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक निर्धारित किया गया है। इसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी यूरोप जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों के लिए की गई है, जहां प्रति टिकट 10,000 रुपये तक का अतिरिक्त सरचार्ज लिया जाएगा।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
एविएशन उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण भारत में कच्चे तेल की तुलना में एटीएफ की कीमतों में अधिक तेजी आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल को जेट ईंधन में बदलने की मूल लागत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है, लेकिन भारतीय रिफाइनरियों का जेट फ्यूल पर प्रॉफिट मार्जिन काफी बढ़ गया है। त्योहारी सीजन के इस पीक समय में आई इस बढ़ोतरी से आम यात्रियों के बजट पर सीधा असर पड़ेगा।
