देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल, जींद से दिल्ली की यात्रा
हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल
- जींद से दिल्ली जाते समय ट्रेन की स्पीड 75 किलोमीटर प्रतिघंटा रही
- दिल्ली से सोनीपत रूट पर ट्रेन का ट्रायल 85 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से किया
जींद। शुक्रवार को, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद रेलवे जंक्शन से दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुई। इस ट्रेन ने जींद से दिल्ली की यात्रा के दौरान 75 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पकड़ी। इसके बाद, दिल्ली से सोनीपत के बीच चार ट्रायल किए जाने हैं, जिसमें ट्रेन ने 85 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से यात्रा की। सोनीपत से दिल्ली लौटते समय भी ट्रेन ने इसी गति को बनाए रखा। इसके बाद, दिल्ली से सोनीपत जाते समय ट्रेन की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई।
हाई स्पीड ट्रायल की तैयारी
सोनीपत से दिल्ली रूट पर भी 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति निर्धारित की गई थी। अंतिम चक्कर के दौरान, ट्रेन ने 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति प्राप्त की। हाई स्पीड ट्रायल की तैयारियों के लिए 24 जून को आरडीएसओ की टीम जींद रेलवे स्टेशन पर पहुंची थी। टीम ने ट्रेन के अंदर वायरिंग और प्लेटिंग का कार्य पूरा किया। शुक्रवार को ट्रेन का हाई स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया।
यह ध्यान देने योग्य है कि हाइड्रोजन ट्रेन का पहले 75 और 85 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रायल किया जा चुका है। इस बार, हाई स्पीड टेस्ट के दौरान सभी तकनीकी पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा, जिसमें ब्रेकिंग सिस्टम, इंजन की क्षमता और ट्रैक पर स्थिरता शामिल हैं।
हाइड्रोजन गैस का उपयोग
ट्रायल के लिए गैस की व्यवस्था
ट्रायल के दौरान ट्रेन की तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। हाई स्पीड परीक्षण के लिए विशेष हाइड्रोजन गैस का टैंकर मंगवाया गया था, ताकि ट्रेन को पर्याप्त ईंधन मिल सके। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना का एक महत्वपूर्ण चरण है। इसके सफल होने पर, देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल संचालन की दिशा में एक नया कदम उठाया जाएगा।
हाइड्रोजन ट्रेन की विशेषताएँ
120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर ट्रायल
इससे पहले, हाइड्रोजन ट्रेन का 75 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सफल ट्रायल किया जा चुका है। अब अंतिम चरण में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर ट्रेन के प्रदर्शन का परीक्षण किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परीक्षण की सफलता से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन का मार्ग और स्पष्ट हो जाएगा। यह ट्रेन पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
ट्रेन की यात्रा क्षमता
लगभग चार महीने पहले जींद से सोनीपत रूट पर चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन जींद पहुंची थी। यह ट्रेन एक किलो हाइड्रोजन में करीब साढ़े चार लीटर डीजल के बराबर माइलेज देगी। ट्रेन में दो पावर प्लांट हैं और इसकी रखरखाव लागत भी कम है। जींद से सोनीपत की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है, और इसे 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाने की योजना है।
