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देहरादून में 16 करोड़ रुपये का पुल 16 दिन में ध्वस्त, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक नया पुल, जो केवल 16 दिन पहले जनता के लिए खोला गया था, अब ध्वस्त हो गया है। इस पुल के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यह पहली बारिश भी नहीं झेल सका। स्थानीय लोगों में नाराजगी है और प्रशासन ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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उत्तराखंड में पुल का हाल

उत्तराखंड: देहरादून में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित एक पुल अब सवालों के घेरे में है। प्रेमनगर-नंदा की चौकी के पास नेशनल हाईवे पर स्थित यह पुल केवल 16 दिन पहले जनता के लिए खोला गया था, लेकिन अब इसके ऊपर एक बड़ा जानलेवा गड्ढा बन गया है। पुलिस का कहना है कि यह गड्ढा एप्रोच रोड पर हुआ है। वहीं, जिलाधिकारी ने कहा है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सुरक्षा के मद्देनजर, पुलिस ने इस पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। पिछले वर्ष बारिश के दौरान बहने के बाद इस पुल का पुनर्निर्माण 16 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। यह पुल पहली मानसून की बारिश भी नहीं झेल सका, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।



पुल के दोबारा क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार एजेंसियों पर सवाल उठा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और पुल की स्थिति का निरीक्षण शुरू कर दिया। फिलहाल एहतियातन पुल पर आवाजाही रोक दी गई है।


देहरादून-पांवटा साहिब के पुराने राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी का पुनर्निर्मित मुख्य पुल भी अब सुरक्षित नहीं है। 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस पुल में बहुत बड़ा धंसाव हुआ है। चौंकाने वाली बात ये है कि इस पुल पर 16 दिन पहले ही यातायात शुरू हुए था।


इससे पहले 11 जुलाई की रात टौंस नदी के तेज बहाव में ह्यूम पाइप डालकर बनाई गई अस्थाई पुलिया धंस गई थी। आवाजाही के संकट को देखते हुए इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने द्रुत गति से काम पूरा कर 12 जुलाई से पुनर्निर्मित मुख्य पुल पर गाड़ियों का संचालन शुरू कराया था। नए पुल में बड़ा गड्ढा होने से एक बार फिर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।


देहरादून में 16 करोड़ के पुल के धंसने से हड़कंप मचा हुआ है। डीएम आशीष चौहान भी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त एप्रोच वॉल का निरीक्षण किया। अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए 3 घंटे के अंदर एप्रोच वॉल को रिस्टोर करने के निर्देश दिए।


इसके बाद जिलाधिकारी ने शहर से निरीक्षण किया। इस दौरान वो सोडा सरोली पहुंचे, जहां पीएमजीएसवाई की वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़क को तत्काल खोलने के निर्देश दिए गए हैं। मलबा आने से बंद थानों मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। जिलाधिकारी फील्ड में बने हुए हैं और वर्षा से क्षति का निरीक्षण कर रहे हैं।