पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब यूनिवर्सिटी में परीक्षा दी
परीक्षा में शामिल हुए चन्नी
चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार को पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में परीक्षा दी। चन्नी पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री के लिए अध्ययन कर रहे हैं और उन्होंने अपना अंतिम पेपर दिया। परीक्षा दोपहर लगभग 12:30 बजे समाप्त हुई, जिसके बाद वह परीक्षा केंद्र से बाहर आए।
परीक्षा के दौरान की तस्वीरें
चन्नी की परीक्षा देते हुए कुछ तस्वीरें भी सामने आईं, जिनमें वह अन्य छात्रों के साथ पेपर हल करते हुए दिखाई दिए। उनकी सुरक्षा के लिए तैनात कर्मियों को परीक्षा हॉल के बाहर रखा गया था।
रात में पढ़ाई और सुबह की तैयारी
रात 2 बजे तक पढ़ाई, सुबह 5 बजे उठे
परीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत में चन्नी ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए बुधवार रात लगभग 2 बजे तक पढ़ाई की और सुबह 5 बजे उठ गए। उन्होंने कहा कि वह पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने आए थे।
पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रति गर्व
बोले- पूरी जिंदगी PU का छात्र रहूंगा
चन्नी ने कहा कि उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्र होने पर गर्व है और वह हमेशा इसके छात्र बने रहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले भी यहां से कई डिग्रियां प्राप्त कर चुके हैं और अब पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई कर रहे हैं।
शैक्षणिक उपलब्धियां
BA, MBA, लॉ और PhD भी कर चुके हैं
63 वर्षीय चन्नी ने पंजाब यूनिवर्सिटी से BA और LLB की डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से MBA किया और 2023 में पंजाब यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में PhD पूरी की।
शोध और भविष्य की योजनाएं
करीब साढ़े 4 साल से कर रहे पढ़ाई और रिसर्च
चन्नी ने कहा कि वह पिछले साढ़े चार साल से पढ़ाई और रिसर्च में लगे हुए हैं। उनका उद्देश्य एक ऐसा मॉडल तैयार करना है, जिससे सरकारी व्यवस्था में सुधार हो सके और भ्रष्टाचार कम किया जा सके।
CWC बैठक में अनुपस्थिति
CWC बैठक छोड़कर परीक्षा को दी प्राथमिकता
चरणजीत चन्नी ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा छोड़ने पर उनकी डिग्री एक साल पीछे हो सकती थी।
पुरानी यादें
पुराना किस्सा भी किया याद
चन्नी ने 2016 में हुई एक घटना का जिक्र किया, जब उनका पेपर और कांग्रेस की बैठक एक साथ थी। राहुल गांधी ने उनकी मदद की थी, जिससे वह समय पर परीक्षा दे सके।
शिक्षा का महत्व
चन्नी ने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर मेहनत और सीखना आवश्यक है। उम्र कभी भी शिक्षा या आगे बढ़ने की इच्छा में बाधा नहीं बननी चाहिए।
