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भारत में कार बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड, त्योहारों से पहले बढ़ी मांग

सितंबर 2026 में भारत के कार बाजार ने बिक्री का नया रिकॉर्ड स्थापित किया, जिसमें लगभग 4.27 लाख कारें बिकीं। पिछले साल की तुलना में 32% की वृद्धि हुई है। इस बार ग्राहकों की पसंद में बदलाव आया है, जहां हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ी है। मारुति सुजुकी ने सबसे अधिक बिक्री की, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कारों की मांग में वृद्धि देखी गई। त्योहारी सीजन में बुकिंग में भी इजाफा हुआ है, जिससे कंपनियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
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कार बाजार में नया रिकॉर्ड


नवीनतम रिपोर्ट (Car sales record) दिवाली और त्योहारी सीजन की खरीदारी अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भारतीय कार बाजार ने बिक्री का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। सितंबर में लगभग 4.27 लाख कारें बिकीं, जो कि 4.3 लाख के करीब है। पिछले साल की तुलना में इस बार कारों की बिक्री में लगभग 32% की वृद्धि हुई है। खास बात यह है कि अगस्त की तुलना में सितंबर में बिक्री में 6.2% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे स्पष्ट होता है कि लोग त्योहारों से पहले नई कार खरीदने के लिए शोरूम में पहुंच रहे हैं।


हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग

पेट्रोल के साथ हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की भी बढ़ी मांग

हाल के दिनों में कार खरीदने वालों की प्राथमिकताओं में बदलाव देखा जा रहा है। सितंबर में पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी लगभग 41.27% रही, जबकि डीजल कारों की हिस्सेदारी घटकर 17.74% रह गई। CNG और LPG कारों की हिस्सेदारी लगभग 23.11% रही। हाइब्रिड कारों की हिस्सेदारी 9.44% और इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 8.45% हो गई है। ग्राहक अब केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई तकनीक और बेहतर माइलेज वाली कारों की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं।


मारुति सुजुकी की बिक्री में बढ़त

कार बिक्री में मारुति सबसे आगे

कंपनियों की बात करें तो मारुति सुजुकी ने एक बार फिर सबसे ज्यादा कारें बेचकर बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है। सितंबर में मारुति की बिक्री लगभग 1.69 लाख यूनिट रही। इसके बाद हुंडई और Tata Motors ने भी 57 हजार से अधिक कारों की बिक्री की। Toyota और Mahindra जैसी कंपनियों की बिक्री में भी अच्छी वृद्धि देखी गई। किआ की बिक्री में 46% की सालाना वृद्धि हुई, जो इस सूची में सबसे तेज है।


गांवों में भी कारों की मांग में वृद्धि

गांवों में भी कारों की मांग बढ़ी

इस बार कार बाजार की वृद्धि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में शहरों में कारों की बिक्री में सालाना आधार पर लगभग 32.11% की वृद्धि हुई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 32% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, महीने-दर-महीने बिक्री में शहरों ने गांवों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। इसका मतलब है कि त्योहारी सीजन में देश के शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों से कार कंपनियों को मजबूत मांग मिल रही है।


त्योहारों से पहले बुकिंग में वृद्धि

दिवाली से पहले बुकिंग ने बढ़ाई उम्मीद

त्योहारों के मौसम को देखते हुए कार कंपनियों और डीलरों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 63% डीलरों के पास कारों की बुकिंग में वृद्धि हुई है, जबकि 76% डीलरों को अक्टूबर में बिक्री में और सुधार की उम्मीद है। हालांकि, कुछ विशेष मॉडलों की डिलीवरी के लिए ग्राहकों को इंतजार करना पड़ रहा है, खासकर इलेक्ट्रिक कारों में।


खरीदारी में वृद्धि, डिस्काउंट कम

डिस्काउंट कम मिलने पर भी बढ़ रही खरीदारी

इस बार कंपनियों की तरफ से पिछले साल जैसी भारी छूट नहीं मिल रही है, फिर भी ग्राहक बड़ी संख्या में गाड़ियों की खरीदारी कर रहे हैं। पिछले साल जीएसटी कटौती और कम स्टॉक के कारण कंपनियों को बड़ा लाभ मिला था। लेकिन इस साल भी मांग मजबूत बनी हुई है। डीलरों के पास कारों का स्टॉक पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है, जिससे आने वाले दिनों में कंपनियों की तरफ से नए ऑफर उपलब्ध करवाए जा सकते हैं। कुल मिलाकर, सितंबर की बिक्री ने कार बाजार में हलचल मचा दी है।