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भारत में डिजिटल और बैरियर-फ्री टोलिंग प्रणाली का आगाज

केंद्र सरकार ने भारत में डिजिटल और बैरियर-फ्री टोलिंग प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है, जिससे वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह नई प्रणाली फरवरी-मार्च 2027 तक लागू होने की उम्मीद है। फास्टैग और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली के एकीकरण से टोल संग्रह में पारदर्शिता बढ़ेगी और टोल राजस्व में 10,000 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। जानें इस नई पहल के बारे में अधिक जानकारी।
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नई टोलिंग व्यवस्था का परिचय

नई दिल्ली - राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को जल्द ही टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। केंद्र सरकार देश में पूरी तरह से डिजिटल और बैरियर-फ्री टोलिंग प्रणाली लागू करने की योजना बना रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में बताया कि यह एआई आधारित नई प्रणाली फरवरी-मार्च 2027 तक लागू होने की संभावना है।


इस नई व्यवस्था के लागू होने पर वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। वाहन की नंबर प्लेट की स्वचालित पहचान और फास्टैग के माध्यम से टोल शुल्क अपने आप वसूल किया जाएगा। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली प्रतीक्षा समाप्त हो जाएगी और हाईवे पर यातायात अधिक सुगम हो जाएगा।


गडकरी ने कहा कि एआई और निर्बाध टोलिंग के माध्यम से भारत टोल प्लाजा पर रुकने की पुरानी प्रणाली को समाप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भविष्य के राजमार्ग स्मार्ट, बाधा-मुक्त और पूरी तरह कैशलेस होंगे।


फास्टैग और नंबर प्लेट पहचान प्रणाली का एकीकरण

नई प्रणाली का कार्यान्वयन


नई व्यवस्था में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली और फास्टैग को एकीकृत किया जाएगा। जैसे ही वाहन टोल क्षेत्र में प्रवेश करेगा, उसकी पहचान की जाएगी और संबंधित खाते से टोल राशि स्वतः काट ली जाएगी। इससे टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार और प्रतीक्षा समय में काफी कमी आने की उम्मीद है।


फास्टैग का व्यापक उपयोग

फास्टैग का उपयोग


गडकरी के अनुसार, देश में 98 प्रतिशत से अधिक वाहनों में फास्टैग का उपयोग हो रहा है और 13 करोड़ से अधिक फास्टैग जारी किए जा चुके हैं। यह प्रणाली 2014 में पायलट परियोजना के रूप में शुरू की गई थी और 2021 में इसे अनिवार्य किया गया। फास्टैग के कारण टोल प्लाजा पर पहले लगने वाला 12 से 30 मिनट का इंतजार 80 से 90 प्रतिशत तक कम हो गया है।


टोल राजस्व में वृद्धि की उम्मीद

राजस्व में बढ़ोतरी


सरकार को उम्मीद है कि नई डिजिटल और बाधा-मुक्त टोलिंग प्रणाली से समय की बचत के साथ-साथ टोल संग्रह में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इससे सालाना टोल राजस्व में लगभग 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि का अनुमान है।


बैंक बदलने की नई सुविधा

वन टैग सुविधा


वाहन चालकों के लिए सरकार ने ‘वन टैग’ सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत फास्टैग उपयोगकर्ता बिना नया टैग खरीदे और वाहन से पुराना टैग हटाए अपना बैंक खाता बदल सकेंगे। इसका मतलब है कि बैंक बदलने के लिए नया फास्टैग लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे फास्टैग प्रबंधन और बैंक बदलने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल हो जाएगी।