मेसी की फिटनेस पर स्कालोनी का बयान: कप्तान पूरी तरह तैयार
मेसी की फिटनेस पर कोच का विश्वास
कैनसस सिटी: अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने कप्तान लियोनेल मेसी की फिटनेस को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 39 वर्षीय मेसी स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए तत्पर हैं।
कैनसस सिटी स्टेडियम में होने वाले इस महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले स्कालोनी ने कहा कि टीम के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि मेसी अभी भी उतनी ही मेहनत कर रहे हैं जितनी वह पिछले टूर्नामेंटों में करते थे। उनके वर्कलोड में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है। स्कालोनी ने कहा, “वह पहले से ज्यादा या कम नहीं दौड़ रहे हैं। उनके आंकड़े स्थिर हैं। टीम उन्हें पूरा समर्थन देती है। उन्होंने अपने फिटनेस कोच के साथ अच्छी तैयारी की है और इसका लाभ उन्हें मिल रहा है। वह मैदान पर अपना सब कुछ दे रहे हैं।”
इस वर्ल्ड कप में मेसी शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने अब तक आठ गोल किए हैं और फ्रांस के कप्तान काइलियन एम्बाप्पे के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। उल्लेखनीय है कि एम्बाप्पे ने मेसी से एक मैच अधिक खेला है। स्कालोनी ने कहा कि उम्र बढ़ने के बावजूद मेसी की गोल करने की क्षमता और मैच पर प्रभाव डालने की ताकत में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जो लोग मेसी को करीब से जानते हैं, वे उनकी मेहनत और जुनून को अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने कहा, “जो लोग उन्हें नहीं जानते, वे शायद सोच सकते हैं कि 39 साल की उम्र में वह पहले जैसे नहीं रहे, लेकिन जब तक वह खेलना चाहते हैं, वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहेंगे। जो लोग उन्हें ट्रेनिंग करते देखते हैं, वे जानते हैं कि वह कितने शानदार खिलाड़ी हैं। उनके साथी खिलाड़ी भी यही कहते हैं कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं।”
स्कालोनी ने यह भी स्पष्ट किया कि मेसी को पेनल्टी लेने की पूरी आजादी होगी। टूर्नामेंट में दो पेनल्टी मिस करने के बावजूद कोच ने अर्जेंटीना के कप्तान पर अपना भरोसा बनाए रखा है। उन्होंने कहा, “मेरे दिमाग में कभी यह बात नहीं आई कि मैंने पेनल्टी लेने की जिम्मेदारी बदलने के लिए कहूं। वह खुद तय करते हैं कि उन्हें क्या करना है।”
कोच ने बताया कि मैदान पर मेसी को अपनी स्थिति तय करने की भी पूरी स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी मेसी की सोच और खेल को समझते हैं और उसी के अनुसार अपनी रणनीति बनाते हैं। मिस्र के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले में मेसी ने कई बार अपनी पोजीशन बदली थी। वह राइट फ्लैंक की ओर गए, जिससे टीम को फायदा मिला और उनके मूवमेंट से क्रिस्टियन रोमेरो को हेडर के जरिए गोल करने का मौका मिला। इसके बाद मेसी ने भी मुकाबले में महत्वपूर्ण गोल किया। स्कालोनी ने कहा, “अगर मेसी किसी जगह जाना चाहते हैं और टीम का कोई दूसरा खिलाड़ी उनकी जगह को कवर करता है, तो यह उनका फैसला होता है। टीम उनके खेल के अनुसार खुद को ढाल लेती है। खिलाड़ी समझते हैं कि उन्हें कब बिल्डअप में शामिल होना है और कब किस जगह जाना है।”
अर्जेंटीना के कोच ने यह भी माना कि यह मेसी का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है, इसलिए टीम के लिए यह टूर्नामेंट और भी खास बन गया है। उन्होंने कहा कि मेसी के साथ खेलने का मौका खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा कारण है। स्कालोनी ने कहा, “हम जानते हैं कि यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है। इस वजह से हर मुकाबला और भी भावनात्मक हो जाता है। हम चाहते हैं कि वह इस सफर को शानदार तरीके से आगे बढ़ाएं।”
