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राम मंदिर चढ़ावे की जांच: SIT आज रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में

राम मंदिर के चढ़ावे और दान में मिली वस्तुओं में अनियमितताओं की जांच कर रही SIT आज अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपने की योजना बना रही है। इस रिपोर्ट में 150 पन्नों से अधिक की जानकारी हो सकती है। जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की गई है, जिसमें दानदाताओं के सवाल भी शामिल हैं। दान में मिली वस्तुओं की पारदर्शिता को लेकर दानदाताओं ने चिंता जताई है। SIT की जांच पर दानदाताओं ने भरोसा जताया है और पारदर्शिता की मांग की है।
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राम मंदिर चढ़ावे की जांच: SIT आज रिपोर्ट सौंपने की तैयारी में

राम मंदिर चढ़ावे की अनियमितताओं की जांच

अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे और दान में मिली वस्तुओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) आज अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने प्रारंभिक जांच के लिए एक सप्ताह का समय निर्धारित किया था, और आज इसकी समयसीमा समाप्त हो रही है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट 150 पन्नों से अधिक की हो सकती है।


SIT ने अपनी जांच 15 जून से शुरू की थी। मुख्यमंत्री ने लोगों से धैर्य रखने की अपील की थी, यह कहते हुए कि जांच के बाद सभी तथ्य सामने आएंगे।


जांच के दौरान, नोटों की गणना और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े कई व्यक्तियों से पूछताछ की गई है। इनमें गणना कर्मी लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव और राजेश पाठक शामिल हैं। इसके अलावा, मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं से जुड़े रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव से भी जानकारी ली गई।


आभूषणों की देखरेख करने वाले कृष्ण देव तिवारी, एसबीआई शाखा के अधिकारियों और दानराशि से जुड़े बैंककर्मियों से भी SIT ने जानकारी प्राप्त की है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर परिसर प्रभारी गोपाल राव से भी पूछताछ की गई है।


सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण और व्यवस्थाओं को लेकर आरोप लगाने वाले पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा को भी SIT पूछताछ के लिए लखनऊ बुला सकती है। उन्होंने ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर 40 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया था।


इस बीच, मंदिर में दान की गई चांदी की वस्तुओं को लेकर दानदाताओं ने भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। दानदाता अनुराग रस्तोगी ने दावा किया कि उन्होंने भगवान रामलला को लगभग 60 किलो चांदी की सिल्ली सहित कई बहुमूल्य वस्तुएं दान की थीं, लेकिन वर्तमान में उनकी स्थिति की जानकारी उपलब्ध नहीं है।


रस्तोगी ने यह भी कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने श्रद्धा स्वरूप एक विशेष चांदी का दीपक भी मंदिर को समर्पित किया था, जो अब मंदिर परिसर में दिखाई नहीं देता। उन्होंने मांग की कि मंदिर को दान में मिली सभी वस्तुओं का रिकॉर्ड और उनकी वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और दानदाताओं की शंकाओं का समाधान हो सके।


उन्होंने SIT जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि यदि उन्हें बयान दर्ज कराने या पूछताछ के लिए बुलाया जाता है, तो वे पूरा सहयोग करेंगे। उनके अनुसार, दान में मिली वस्तुओं की पारदर्शी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।