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शेयर बाजार में सुधार: निवेशकों की संपत्ति में 1.42 लाख करोड़ की वृद्धि

भारतीय शेयर बाजार ने लगातार सात दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार को सकारात्मक रुख अपनाया। सेंसेक्स और निफ्टी में वृद्धि हुई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 1.42 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। मीडिया, रियल्टी और प्राइवेट बैंक क्षेत्रों ने इस तेजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानें इस सुधार के पीछे के कारण और बाजार की वर्तमान स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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शेयर बाजार में तेजी का दौर

मुंबई - भारतीय शेयर बाजार ने लगातार सात दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार को सकारात्मक रुख अपनाया। दिन के अंत में, सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 77,537.72 पर और निफ्टी 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ।


बाजार में इस तेजी का श्रेय मीडिया, रियल्टी और प्राइवेट बैंक क्षेत्रों को दिया गया। निफ्टी मीडिया (2.13 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (1.41 प्रतिशत) और निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.89 प्रतिशत) ने सबसे अधिक लाभ दर्ज किया। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी इन्फ्रा भी बढ़त में रहे। हालांकि, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसई और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में बंद हुए।


निवेशकों की संपत्ति में वृद्धि
एक दिन पहले, 19 अगस्त 2026 को बीएसई पर सभी लिस्टेड शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,90,05,869.88 करोड़ था। आज, 20 अगस्त 2026 को, यह बढ़कर 4,91,48,329.64 करोड़ हो गया। इसका अर्थ है कि निवेशकों की संपत्ति में 1,42,459.76 करोड़ की वृद्धि हुई है। लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 262.80 अंक या 0.41 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 63,671.55 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 134.30 अंक या 0.68 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,841.45 पर रहा।


सेंसेक्स पैक में इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, एलएंडटी, एचयूएल, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और एमएंडएम ने लाभ दर्ज किया। वहीं, टाटा स्टील, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाइटन में गिरावट आई। विशेषज्ञों के अनुसार, यूएस ट्रेजरी के हस्तक्षेप ने बॉन्ड यील्ड में वृद्धि को रोकने में मदद की, जिससे बाजार को राहत मिली और घरेलू बाजार में गिरावट का सिलसिला थम गया। इस हस्तक्षेप से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे रुपए को मजबूती मिली और यील्ड का दबाव कम हुआ, जिससे उभरते बाजार निवेशकों के लिए आकर्षक बन गए। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में सुधार सभी क्षेत्रों में देखा गया, विशेषकर आईटी और फाइनेंशियल शेयरों में, क्योंकि यील्ड में नरमी से खर्च बढ़ाने में मदद मिलती है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई के खतरे को बनाए रखती हैं।