श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा, चढ़ावा चोरी मामले में उठे सवाल
चंपत राय का इस्तीफा
लखनऊ में, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अंततः अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले लगभग 20 दिनों से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में उनके कार्यों पर सवाल उठ रहे थे। एक दिन पहले, पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद चंपत राय के करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव सहित आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद से चंपत राय के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं।
अन्य ट्रस्टियों का इस्तीफा
चंपत राय के साथ ही विवादों में घिरे ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दिया है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से हटा दिया गया है। अनिल मिश्रा और गोपाल राव के कई करीबी सहयोगियों को भी एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। चंपत राय के पास मंदिर की पूरी जिम्मेदारी थी, और उनके बाद अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
मुख्यमंत्री का दौरा और ट्रस्ट का पुनर्गठन
चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या का दौरा किया था, जिसमें चंपत राय को उनके दौरे से दूर रखा गया था। इसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें हटाया जा सकता है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद, ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाने की संभावना है। कहा जा रहा है कि किसी रिटायर आईएएस अधिकारी या रिटायर जज को ट्रस्ट का सीईओ बनाया जा सकता है।
चोरी का मामला और गिरफ्तारी
गौरतलब है कि चढ़ावे की चोरी का मामला गुरुवार को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई पहली एफआईआर से शुरू हुआ। इस एफआईआर में चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव या किसी अन्य ट्रस्टी का नाम नहीं था। एफआईआर के बाद, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बरामदगी और जांच
बताया गया है कि इन आरोपियों से लगभग 80 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया, जिसने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद कार्रवाई करते हुए मंदिर से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार व्यक्तियों में टिन्नू यादव, उसके भतीजे मनीष यादव, और अन्य शामिल हैं।
