सरकार की नई वाहन परिवर्तन योजना: इलेक्ट्रिक और LNG वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
वाहनों की बढ़ती संख्या और प्रदूषण की समस्या
देशभर में वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे प्रदूषण के स्तर में भी इजाफा हो रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कई सख्त नियम बनाए हैं। शहरों में प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक वाहन परिवर्तन योजना की शुरुआत की है, जिसमें हाल ही में कुछ बदलाव किए गए हैं।
योजना में शामिल होने वाले वाहन
वाहन परिवर्तन योजना में शामिल होने वाले नए वाहन - (ताजा खबर)
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार अब इलेक्ट्रिक वाहनों, CNG और बसों के साथ-साथ LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) वाहनों को भी इस योजना में शामिल करने पर विचार कर रही है। यदि ये वाहन योजना में शामिल होते हैं, तो इससे LNG वाहन मालिकों और निर्माताओं को भी लाभ होगा।
पुराने वाहनों के प्रतिस्थापन के लिए प्रोत्साहन
पुराने वाहनों के प्रतिस्थापन के लिए प्रोत्साहन -
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का यह प्रयास प्रदूषण फैलाने वाले पुराने कमर्शियल वाहनों को हटाकर उनकी जगह स्वच्छ और आधुनिक वाहनों को लाना है। इस योजना के तहत बसों और ट्रकों को EV, CNG या BS 6 मानकों का पालन करना होगा, और सरकार पुराने वाहनों के मालिकों को प्रतिस्थापन के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
पंजीकरण का लक्ष्य
अक्टूबर 2026 तक 25,000 वाहनों का पंजीकरण -
मंत्रालय के अनुसार, इस योजना की शुरुआत जून 2026 में हुई थी, और अब तक दिल्ली एनसीआर में 14,000 से अधिक बसों और ट्रकों का पंजीकरण किया जा चुका है। अगले महीने, यानी अक्टूबर के अंत तक, 25,000 वाहनों का पंजीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
LNG वाहनों की भविष्यवाणी
2040 तक LNG वाहनों की संख्या में वृद्धि -
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने LNG को लंबी दूरी के ट्रैकों और बसों के लिए एक उत्कृष्ट वैकल्पिक ईंधन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक देश में 30,000 LNG वाहनों की संख्या होने का अनुमान है, और 2040 तक यह संख्या 2 लाख से 5 लाख तक पहुंच सकती है।
