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हरिपुर आवासीय योजना: हापुड़ में नई प्रॉपर्टी अवसर

हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की बहुप्रतीक्षित हरिपुर आवासीय योजना अगले दो महीनों में शुरू होने वाली है। इस योजना के पहले चरण में 32 एकड़ भूमि का विकास किया जाएगा, जिसमें 31 एकड़ पर कब्जा लिया जा चुका है। योजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर के निवासियों की आवासीय जरूरतों को पूरा करना है। जानें इस योजना के विस्तार और विकास कार्यों के बारे में अधिक जानकारी।
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हरिपुर आवासीय योजना का आगाज़


हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की नई योजना
दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) की बहुप्रतीक्षित हरिपुर आवासीय योजना अगले दो महीनों में शुरू होने की तैयारी में है। यदि आप इस क्षेत्र में प्रॉपर्टी खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो यहां योजना से संबंधित सभी जानकारी दी जा रही है।


भूमि अधिग्रहण की स्थिति

इस योजना के पहले चरण के लिए 32 एकड़ भूमि में से 31 एकड़ पर प्राधिकरण ने कब्जा ले लिया है, जबकि शेष एक एकड़ भूमि का अधिग्रहण अंतिम चरण में है। शासन को भेजी गई कार्ययोजना में इस परियोजना को प्राथमिकता दी गई है। एचपीडीए का लक्ष्य हरिपुर योजना को हापुड़ की प्रमुख आवासीय परियोजनाओं में शामिल करना है।


विकास के चरण

एचपीडीए के अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण की औपचारिकताएं पूरी होते ही विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही योजना के विस्तार की भी योजना बनाई जा रही है। दूसरे चरण में इसे 55 एकड़ और तीसरे चरण में 77 एकड़ तक विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिक संख्या में आवासीय भूखंड और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।


आवश्यक स्वीकृतियों का इंतजार

अधिकारियों का कहना है कि शासन से आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। हरिपुर आवासीय योजना के आरंभ होने से हापुड़ में सुनियोजित आवासीय विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध होंगे।


योजना का उद्देश्य

हरिपुर आवासीय योजना को एचपीडीए ने दिल्ली-एनसीआर के निवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया है। प्राधिकरण का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क, आधुनिक सुविधाएं और किफायती दरों पर भूखंड उपलब्ध होने से खरीदारों का रुझान इस योजना की ओर बढ़ेगा।


सीएम से उद्घाटन का समय मांगा गया

एचपीडीए के सचिव अमित कादियान ने बताया कि योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शासन को छह माह की कार्यसूची में भेजने के साथ ही मुख्यमंत्री से उद्घाटन के लिए समय मांगा गया है। हमारा प्रयास है कि शिलान्यास के बाद पहले निर्माण कार्य शुरू किया जाए।