हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में बढ़ते अपराधों का खौफनाक सच
हरियाणवी म्यूजिक का उभरता हुआ संकट
हरियाणा की हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री अब देश के सबसे तेजी से विकसित होते डिजिटल एंटरटेनमेंट सेक्टर में बदल चुकी है। यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज, ब्रांड एंडोर्समेंट और दिल्ली-एनसीआर से लेकर रोहतक और हिसार तक के लाइव शो ने ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए युवाओं को स्टार बना दिया है। लेकिन इस तेजी से बढ़ती शोहरत के साथ-साथ अपराध का साया भी इस इंडस्ट्री पर मंडराने लगा है।
दिलेर खरकिया पर हमला: एक नई घटना
भिवानी जिले के खरक गांव में 17 सितंबर को मशहूर हरियाणवी गायक दिलेर खरकिया की रेंज रोवर पर अज्ञात बाइक सवारों ने फायरिंग की। पुलिस के रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले एक दशक में राज्य के कई गायकों और अभिनेत्रियों पर जानलेवा हमले हो चुके हैं। यह स्पष्ट है कि यह केवल स्थानीय रंजिश नहीं, बल्कि एक संगठित जबरन वसूली का नेटवर्क बन चुका है।
खूनी इतिहास: हर्षिता दहिया से दिव्या राघवा तक
हरियाणवी म्यूजिक जगत का सबसे भयानक मामला 17 अक्टूबर 2017 को हुआ, जब 22 वर्षीय गायिका हर्षिता दहिया की हत्या कर दी गई। पानीपत में एक कार्यक्रम से लौटते समय बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोककर उन्हें गोली मार दी। पुलिस जांच में उनके जीजा और एक कुख्यात गैंगस्टर की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद ममता शर्मा और दिव्या राघवा जैसी कलाकारों की भी हत्या की गई।
यूट्यूब से कमाई और गन कल्चर का प्रभाव
हरियाणवी कलाकारों पर हमलों का मुख्य कारण इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ता पैसा है। '52 गज का दामन' और 'लीलो चमन' जैसे गानों ने करोड़ों व्यूज बटोरे हैं, जिससे कलाकारों को भारी रॉयल्टी मिली है। कलाकार अपने म्यूजिक वीडियोज में महंगी गाड़ियों और हथियारों का प्रदर्शन करते हैं, जो अपराधियों को आकर्षित करता है।
हमलों के पीछे के नेटवर्क
पुलिस जांच से पता चलता है कि इन हमलों के पीछे दो प्रकार के नेटवर्क काम कर रहे हैं। एक नेटवर्क स्थानीय गैंगस्टर्स का है, जो जेलों में बंद बड़े गैंग्स का नाम लेकर जबरन वसूली करते हैं। दूसरा कारण पुरानी रंजिशें और ईर्ष्या है, जो गांवों में हिंसक रूप ले लेती हैं।
कानून-व्यवस्था की चुनौती
हरियाणा पुलिस के लिए कलाकारों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। कई कलाकार अब निजी बाउंसरों और हथियारों के साए में चलने को मजबूर हैं। यदि समय रहते इस अवैध नेटवर्क पर कड़ा प्रहार नहीं किया गया, तो हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री का हाल भी पंजाब जैसा हो सकता है।
