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गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना होगा आसान, नया कॉरिडोर तैयार

गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए एक नया हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जो यात्रा के समय को 40 से 50 मिनट तक कम कर देगा। इस परियोजना में 11 नमो भारत ट्रेनें और 18 स्थानीय मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। यह अनोखी परिवहन प्रणाली गाजियाबाद और नोएडा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। जानें इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में और कैसे यह दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
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गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट की यात्रा में तेजी

गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना अब और भी सरल होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में बताया है कि गाजियाबाद और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच एक नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें 11 नमो भारत (Rapid Rail) और 18 स्थानीय मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चालू होने पर गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट की यात्रा केवल 40 से 50 मिनट में पूरी हो जाएगी।


नमो भारत और मेट्रो का साझा ट्रैक

NCRTC के अनुसार, यह देश की एक अनूठी परिवहन प्रणाली होगी, जहां 72.44 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें और स्थानीय मेट्रो एक ही ट्रैक पर चलेंगी। नमो भारत ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलेंगी और केवल प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी, जबकि लोकल मेट्रो गाजियाबाद से इकोटेक-VI के बीच सभी 18 स्टेशनों पर रुकेगी।


कॉरिडोर का प्रमुख स्टेशन और रूट योजना

इस कॉरिडोर का लगभग 71.15 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जबकि जेवर एयरपोर्ट के निकट 1.29 किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत होगा। इसमें गाजियाबाद दक्षिण, ग्रेटर नोएडा, सूरजपुर, दनकौर और जेवर एयरपोर्ट जैसे प्रमुख जंक्शन शामिल हैं। इसके अलावा, इसमें सिद्धार्थ विहार, प्रताप विहार, नॉलेज पार्क और यीडा के विभिन्न सेक्टर्स को जोड़ने वाले 18 मेट्रो स्टेशन भी होंगे। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक अतिरिक्त नमो भारत स्टेशन और 11 मेट्रो स्टेशनों को भविष्य के विस्तार के लिए आरक्षित किया गया है।


₹20,640 करोड़ की लागत और डिपो योजना

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लागत लगभग ₹20,640 करोड़ होने का अनुमान है। ट्रेनों के रखरखाव और संचालन के लिए दो डिपो प्रस्तावित किए गए हैं, जिसमें इकोटेक-VI को मुख्य डिपो और यीडा सेक्टर-21 को सेकेंडरी डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (RRTS) मार्ग के गाजियाबाद स्टेशन से जुड़ेगा, जिससे मेरठ और दिल्ली के यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट के लिए सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।