EPFO की नई योजनाएं: डिजिटल प्रक्रिया और समयबद्ध दावों का निपटान
EPFO की नई योजनाओं की घोषणा
देश के लाखों कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत देने वाली सूचना आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत तीन नई योजनाओं—कर्मचारी भविष्य निधि योजना 2026, कर्मचारी पेंशन योजना 2026 और कर्मचारी जमा-संबंधित बीमा योजना 2026 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है। इन योजनाओं में दावों के त्वरित निपटान और डिजिटल अनुपालन पर जोर दिया गया है, खासकर उन अधिकारियों के खिलाफ जो देरी करते हैं।
नई योजनाओं के तहत दावों का निपटान
मंत्रालय ने नई योजनाओं में यह सुनिश्चित किया है कि EPFO अधिकारियों द्वारा भविष्य निधि निकासी, पेंशन और समूह बीमा से संबंधित दावों का निपटान 20 दिनों के भीतर किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो 12 प्रतिशत वार्षिक दंडात्मक ब्याज का प्रावधान लागू होगा। नई योजनाओं में कहा गया है कि यदि आयुक्त उचित कारण के बिना सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद दावे का निपटान नहीं करते हैं, तो उन्हें इस देरी के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
पुरानी योजनाओं का स्थान
नई योजनाएं कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952, कर्मचारी परिवार पेंशन योजना 1971, कर्मचारी पेंशन योजना 1995 और कर्मचारी जमा-संबंधित बीमा योजना 1976 का स्थान लेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले की योजनाओं में भी दावों के निपटान में देरी होने पर दंडात्मक ब्याज का प्रावधान था, लेकिन अब इसे 12 प्रतिशत वार्षिक की निश्चित दर पर निर्धारित किया गया है।
डिजिटल अनुपालन पर जोर
नियोक्ता और कर्मचारी दोनों पहले की तरह अपने मूल वेतन का 12-12 प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में योगदान देते रहेंगे। नियोक्ता के 12 प्रतिशत अंशदान में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाएगा, जबकि केंद्र सरकार पहले की तरह 1.16 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान करेगी। नई योजनाओं में डिजिटल अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि सदस्य बिना किसी देरी के सभी सेवाओं का ऑनलाइन लाभ उठा सकें।
