GST काउंसिल की बैठक में छोटे व्यापारियों के लिए राहत के कई फैसले
महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) काउंसिल की 57वीं बैठक में छोटे व्यापारियों और व्यवसायियों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में लिए गए निर्णयों से आम जनता को भी लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस बैठक में GST की दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। इसके बजाय, काउंसिल ने टैक्स से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने, रिफंड को तेजी से प्रदान करने और व्यापारियों के लिए अनुपालन का बोझ कम करने पर ध्यान केंद्रित किया।
सरलता की दिशा में कदम
बैठक में GST प्रणाली को अधिक सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। इनमें रिफंड प्रक्रिया को तेज करना, कम जोखिम वाले व्यापारियों का GST रजिस्ट्रेशन शीघ्र करना और टैक्स मामलों में सख्ती को कम करना शामिल है। इन निर्णयों से छोटे व्यापारियों को दैनिक GST कार्यों में राहत मिलने की उम्मीद है। ये निर्णय अगले वित्त वर्ष, यानी 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।
गिरफ्तारी की शक्तियों में कमी
बैठक का एक प्रमुख निर्णय GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्तियों को समाप्त करना है। इस विषय पर पिछले कुछ दिनों से चर्चा चल रही थी, और अब इस पर मुहर लग गई है। अब GST कानून के तहत अधिकारियों को गिरफ्तारी की कार्रवाई करने का अधिकार नहीं रहेगा, जिसे व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।
मुकदमे की सीमा में वृद्धि
GST से संबंधित मामलों में अभियोजन की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि छोटे मामलों में आपराधिक मुकदमा चलने की संभावना कम होगी। पहले जो कार्रवाई 1 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों में हो सकती थी, अब वह 5 करोड़ रुपये तक सीमित कर दी गई है। हालांकि, गंभीर मामलों के लिए कार्रवाई का प्रावधान बना रहेगा।
रिफंड प्रक्रिया में तेजी
GST काउंसिल ने रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। रिफंड के आवेदन की प्रारंभिक जांच का समय 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दिया गया है। लगभग 90 प्रतिशत रिफंड दावों को सिस्टम आधारित रिस्क असेसमेंट के माध्यम से मंजूर किया जाएगा।
GST रजिस्ट्रेशन में तेजी
कम जोखिम वाले आवेदकों के लिए GST रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय भी लिया गया है। ऐसे आवेदन अब तीन कार्य दिवसों के भीतर अपने आप मंजूर किए जा सकेंगे। इसके अलावा, योग्य रजिस्ट्रेशन में बदलाव के लगभग 65 प्रतिशत मामलों को भी ऑटो-अप्रूवल के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है।
GST दरों में कोई बदलाव नहीं
इस बैठक में GST की दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया। पिछले वर्ष में हुई बड़ी टैक्स दर में बदलाव के बाद, इस बार काउंसिल ने मुख्य रूप से रजिस्ट्रेशन, रिफंड, रिटर्न, ITC और टैक्स कार्रवाई की प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके अतिरिक्त, ऐसे व्यापारियों को राहत देने के लिए ITC से जुड़े नियमों पर भी काम किया गया है, जिन्हें सही बिल होने के बावजूद सप्लायर की गलती के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस विषय पर एक समिति बनाई गई है, जो आगे अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।
