LIC निवेश घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई: चार्जशीट दाखिल
CBI की कार्रवाई पर नजर
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को LIC से जुड़े एक बड़े निवेश घोटाले के मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एजेंसी ने मुंबई की विशेष CBI अदालत में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) और अन्य तीन प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है।
आरोपियों की पहचान
चार्जशीट में शामिल आरोपियों में रिलायंस ADA ग्रुप के ग्रुप एमडी अमिताभ झुनझुनवाला, रिलायंस कैपिटल के सीनियर वीपी विश्वास जोशी और LIC के पूर्व मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) पी. वेणुगोपाल शामिल हैं। इन सभी पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।
फंड डायवर्जन और वित्तीय नुकसान
CBI की जांच में यह बात सामने आई है कि 2012 में LIC ने RCom द्वारा जारी 1,500 करोड़ रुपये के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में निवेश किया था। आरोप है कि यह निवेश गलत दस्तावेजों और भ्रामक जानकारियों के आधार पर किया गया।
इस NCD से प्राप्त राशि को बाद में एडीए ग्रुप की अन्य कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे LIC को कुल 3,750 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ, जबकि आरोपी कंपनियों ने अनुचित लाभ कमाया।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच
यह मामला 1 अप्रैल 2026 को LIC द्वारा दर्ज की गई शिकायत के बाद शुरू हुआ था। CBI की दिल्ली स्थित BSFB यूनिट ने रिलायंस ADA ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के खिलाफ बैंकों, LIC और EPFO की शिकायतों पर कुल 9 एफआईआर दर्ज की हैं।
यह CBI द्वारा दाखिल की गई आठवीं चार्जशीट है और अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है।
