सरकार का नया नियम: कैब बुकिंग में एडवांस टिप का विकल्प खत्म
कैब बुकिंग में बदलाव
कई बार कैब बुक करते समय 10-20 रुपये की टिप देने का विकल्प मिलता है, लेकिन अब सरकार ने इसे समाप्त करने का निर्णय लिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी प्रमुख कैब सेवाओं के लिए एक नया नियम लागू किया है। मंत्रालय ने इन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने ऐप से एडवांस टिप का विकल्प तुरंत हटा दें। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब लोग कैब बुक करें, तो उन्हें जल्दी गाड़ी पाने के लिए अधिक पैसे देने का दबाव न हो।
यात्रियों की सुरक्षा
सरकार चाहती है कि सभी यात्रियों को बिना किसी दबाव के सही तरीके से कैब मिले और किसी भी ग्राहक से गलत तरीके से पैसे न लिए जाएं। इस नए नियम के लागू होने से कैब बुकिंग की प्रक्रिया में बदलाव आएगा और पहले की समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।
एडवांस टिप से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न
1. सरकार ने कैब एप्स को लेकर क्या नया निर्देश दिया है?
MoRTH ने सभी राइड-हेलिंग प्लेटफार्मों को अपने ऐप से बुकिंग के दौरान टिप मांगने वाले सभी विकल्पों को हटाने का आदेश दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुकिंग स्क्रीन पर टिप का विकल्प देना नियमों के खिलाफ है.
2. सरकार को यह कदम क्यों उठाना पड़ा, क्या शिकायतें थीं?
सरकार को लगातार रिपोर्ट मिल रही थीं कि कैब कंपनियां अपने ऐप पर 'एडवांस टिप' जैसे संदेश दिखा रही हैं। कुछ ऐप्स यात्रियों को यह भी बता रही थीं कि यदि वे टिप जोड़ते हैं, तो ड्राइवर के राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ जाएगी। सरकार ने इसे गलत माना है.
3. मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस के नियम इस बारे में क्या कहते हैं?
मंत्रालय ने गाइडलाइंस के एक नियम का हवाला दिया है, जिसके अनुसार यात्रियों को यात्रा पूरी होने के बाद ही ड्राइवर को टिप देने का अधिकार है.
4. क्या ड्राइवर को मिलने वाली टिप में से कैब कंपनियां अपना कमीशन काट सकती हैं?
नहीं, सरकार की गाइडलाइंस में स्पष्ट कहा गया है कि टिप की पूरी राशि सीधे ड्राइवर के खाते में जानी चाहिए.
5. एडवांस टिप के मामले को सरकार ने किस कानून के तहत गलत माना?
एडवाइजरी के अनुसार, ऐप में कोई भी ऐसा टिपिंग फीचर नहीं होना चाहिए जो ग्राहकों को प्रभावित करे, यह कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट का उल्लंघन है.
नए नियमों का प्रभाव
सरकार के नए आदेश के बाद ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों को अपने ऐप में महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे। यदि कोई कंपनी इस नियम का पालन नहीं करती है, तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है। नए नियम के तहत ऐप पर ऐसा कोई संदेश नहीं दिखेगा जिसमें यह कहा गया हो कि अधिक पैसे देने से कैब जल्दी मिलेगी.
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यात्रियों को भारी बारिश या ऑफिस के पीक ऑवर्स में कैब बुक करते समय अतिरिक्त पैसे नहीं देने पड़ेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि टिप देना पूरी तरह से बंद हो गया है; यदि यात्रा के बाद ड्राइवर की सेवा अच्छी लगती है, तो यात्री अपनी मर्जी से टिप दे सकते हैं.
