Meta पर पूर्व कर्मचारियों का मुकदमा: AI के जरिए छंटनी का आरोप
Meta की छंटनी पर विवाद
कुछ समय पहले, Meta ने अमेरिका में 8000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का निर्णय लिया। इसके बाद, 26 पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। उनका आरोप है कि नौकरी से निकाले गए लोगों का चयन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर द्वारा किया गया था। इन कर्मचारियों का कहना है कि AI ने बीमार कर्मचारियों की पहचान की और इसी आधार पर छंटनी की गई। उन्होंने यह भी बताया कि AI ने उन कर्मचारियों को चुना जो दिव्यांग थे या मेडिकल लीव पर थे। हालांकि, Meta के प्रवक्ता ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
कानूनी कार्रवाई का विवरण
अमेरिका के छह विभिन्न राज्यों के लोगों ने Meta के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है। इनमें से 26 लोगों ने कैलिफोर्निया की अदालत में यह मामला पेश किया, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने कमजोर कर्मचारियों को निशाना बनाकर उन्हें नौकरी से निकाला है, जो कि राज्य के श्रम कानूनों का उल्लंघन है। इन आरोपों के चलते कंपनी की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
कर्मचारियों के गंभीर आरोप
कैलिफोर्निया की अदालत में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, कंपनी ने छंटनी के लिए AI सॉफ्टवेयर का उपयोग किया, जो कर्मचारियों को उनके काम के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर चुनता था। कर्मचारियों का कहना है कि AI ने उन लोगों को छंटनी के लिए चुना जो बीमार थे, गर्भवती थीं या दिव्यांग थे। उन्होंने अदालत में यह सवाल उठाया कि क्या किसी कर्मचारी की स्वास्थ्य स्थिति उसे नौकरी से निकालने का कारण बन सकती है?
कंपनी की प्रतिक्रिया
कंपनी के प्रवक्ता ने इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नौकरी से निकालने का निर्णय AI ने नहीं, बल्कि कंपनी के अधिकारियों ने लिया था। इस मामले ने वैश्विक स्तर पर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भविष्य में AI लोगों की नौकरी जाने का कारण बन सकता है।
