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RBI की नई नीतियों से सरकारी बॉंड्स पर बढ़ेगा रिटर्न

भारतीय रिजर्व बैंक ने 9 अक्टूबर को 25,000 करोड़ रुपये के सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी को कम करना है। इस कदम से सरकारी बॉंड की यील्ड में वृद्धि की संभावना है, जिससे निवेशकों को अधिक रिटर्न मिल सकता है। 13 अक्टूबर को होने वाली नीलामी में विभिन्न परिपक्वता वाली प्रतिभूतियां शामिल हैं। जानें कि यह बदलाव आम आदमी के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है।
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आरबीआई का ओपन मार्केट ऑपरेशन


भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 9 अक्टूबर को खुले बाजार परिचालन (OMO) के तहत 25,000 करोड़ रुपये के सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी को कम करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का प्रभाव सरकारी बॉंड की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे सोमवार को उनकी यील्ड 4-5 आधार अंक बढ़ सकती है।


नीलामी की तारीख

आरबीआई ने बताया कि सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी 13 अक्टूबर को मल्टीपल-प्राइस पद्धति से आयोजित की जाएगी। इसमें 2030 से 2034 के बीच परिपक्व होने वाली छह प्रतिभूतियां शामिल हैं, जैसे 7.88 प्रतिशत सरकारी प्रतिभूति 2030, 6.10 प्रतिशत 2031, 7.95 प्रतिशत 2032, 7.26 प्रतिशत और 7.18 प्रतिशत 2033 तथा 7.10 प्रतिशत 2034। केंद्रीय बैंक ने प्रत्येक प्रतिभूति के लिए अलग-अलग बिक्री राशि निर्धारित नहीं की है।


पिछले महीने की बिक्री

यह घोषणा सितंबर में किए गए एक लाख करोड़ रुपये के OMO बिक्री कार्यक्रम के बाद आई है। उस समय, RBI ने 17 सितंबर को 50,000 करोड़ रुपये और 21 तथा 28 सितंबर को 25,000-25,000 करोड़ रुपये के बॉंड बेचे थे। इन नीलामियों में निवेशकों की बोलियां निर्धारित राशि से अधिक रही, जो सरकारी प्रतिभूतियों में बाजार की रुचि को दर्शाती हैं।


बैंकिंग प्रणाली में नकदी

आरबीआई अतिरिक्त नकदी को नियंत्रित करने के लिए परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामियों का भी सहारा ले रहा है। 7 अक्टूबर को मौद्रिक नीति की घोषणा के दौरान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि इस वित्तीय वर्ष में प्राकृतिक कारणों से अतिरिक्त नकदी का दबाव कम होने की संभावना है। आरबीआई के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को बैंकिंग प्रणाली में अधिशेष 3.92 लाख करोड़ रुपये था।


CRR नियम में बदलाव

आरबीआई ने बैंकों के लिए नकद आरक्षित अनुपात (CRR) की दैनिक अनिवार्य राशि बनाए रखने की सीमा को 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 99 प्रतिशत कर दिया है। यह बदलाव 16 अक्टूबर से लागू होगा। हालांकि, CRR की कुल निर्धारित दर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।


आम आदमी को लाभ

बॉंड यील्ड में वृद्धि का अर्थ है कि सरकारी बॉंड पर अधिक रिटर्न मिलेगा। यदि कोई व्यक्ति सरकारी बॉंड में निवेश करता है, तो उसे अधिक रिटर्न प्राप्त हो सकता है। इस प्रकार, बॉंड में निवेश करने वालों के लिए यह एक सकारात्मक समाचार हो सकता है।