TVS मोटर कंपनी में पारिवारिक विवाद: केविएट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू
TVS परिवार के बीच बढ़ता विवाद
TVS मोटर कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन और उनकी बेटी लक्ष्मी वेणु ने पारिवारिक संपत्ति और कारोबारी हितों के बंटवारे को लेकर अदालतों में एक-दूसरे के खिलाफ 'केविएट' दाखिल की हैं। सूत्रों के अनुसार, 12 और 13 अक्टूबर को चेन्नई की सिविल और कमर्शियल अदालतों में कुल आठ केविएट दायर की गईं, जिसमें हर अदालत में चार-चार केविएट शामिल थीं। इसके अलावा, वेणु श्रीनिवासन ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में भी केविएट प्रस्तुत की हैं। वेणु श्रीनिवासन और उनके बेटे सुदर्शन द्वारा दाखिल की गई केविएट में लक्ष्मी वेणु का नाम है, जबकि मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी द्वारा दायर की गई केविएट में वेणु श्रीनिवासन का नाम शामिल है। लॉ फर्म 'सूरी एंड कंपनी' की पार्टनर सुरुचि सूरी ने बताया कि 'केविएट' एक कानूनी प्रक्रिया है, जो यह सुनिश्चित करती है कि अदालत किसी आदेश को बिना सुनवाई के न दे।
उत्तराधिकार विवाद में नया मोड़
हाल ही में प्रस्तुत दस्तावेजों ने TVS परिवार के उत्तराधिकार विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है। यह विवाद पारिवारिक कारोबार के स्वामित्व और आर्थिक बंटवारे को लेकर मतभेदों के कारण चर्चा में है। इस असहमति में मुख्य रूप से परिवार के दो पक्ष शामिल हैं। एक ओर, वेणु श्रीनिवासन और उनके बेटे सुदर्शन का कहना है कि पहले ही एक समझौता हो चुका है, जबकि दूसरी ओर, मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु का मानना है कि कोई आर्थिक समझौता पूरा नहीं हुआ है। इस विवाद का केंद्र मार्च 2024 में हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (MoU) है। वेणु और सुदर्शन का तर्क है कि यह समझौता पारिवारिक व्यवस्था का हिस्सा था, जबकि मल्लिका और लक्ष्मी का कहना है कि यह MoU मुख्य रूप से TVS ब्रांड और ट्रेडमार्क के उपयोग से संबंधित था।
प्रबंधन नियंत्रण और आर्थिक स्वामित्व के बीच मतभेद
इन मतभेदों ने कारोबार के 'प्रबंधन नियंत्रण' और 'आर्थिक स्वामित्व' के बीच के अंतर को भी उजागर किया है। लक्ष्मी वेणु ने एक औपचारिक और निष्पक्ष समझौते की मांग की है, जबकि दोनों पक्षों के बीच इस बात पर असहमति है कि मौजूदा व्यवस्था पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे के लिए पर्याप्त है या नहीं। यह विवाद TVS समूह के भीतर पहले हुए एक व्यापक पारिवारिक समझौते के बाद सामने आया है, जिसमें परिवार की विभिन्न शाखाओं के बीच कारोबारी हितों का पुनर्गठन किया गया था। हालांकि, वेणु श्रीनिवासन के परिवार के भीतर आर्थिक हितों के बंटवारे और स्वामित्व को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं।
