upGrad ने Unacademy का अधिग्रहण किया, 200 मिलियन डॉलर का सौदा
upGrad ने Unacademy को खरीदा
रोनी स्क्रूवाला के नेतृत्व में upGrad ने आधिकारिक रूप से एडटेक कंपनी Unacademy का अधिग्रहण कर लिया है। यह सौदा 1700 करोड़ रुपये, यानी 200 मिलियन डॉलर से अधिक का है। Unacademy के सह-संस्थापक और CEO गौरव मुंजाल ने 1 सितंबर को इस डील की पुष्टि की। इसे देश के एडटेक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
गौरव मुंजाल का बयान
गौरव मुंजाल ने इस डील के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'छह साल पहले आज ही के दिन Unacademy यूनिकॉर्न बनी थी। आज Unacademy ने अपग्रेड द्वारा अपने अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह सौदा 200 मिलियन डॉलर से कुछ ज्यादा में हुआ है।'
upGrad को क्या लाभ होगा?
upGrad, जो भारत और एशिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन हायर एजुकेशन और अपस्किलिंग प्लेटफॉर्म है, इस डील के बाद और भी मजबूत हो गया है। इस अधिग्रहण के बाद, upGrad का कारोबार अब ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के क्षेत्र में भी विस्तारित हो गया है। Unacademy के पास संघ लोक सेवा आयोग, संयुक्त प्रवेश परीक्षा, और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम हैं।
कोरोना काल में Unacademy की वृद्धि
कोरोना महामारी के दौरान Unacademy ने अपने लिए एक अवसर पाया। उस समय ऑनलाइन शिक्षा क्षेत्र में तेजी आई थी। लगभग छह साल पहले Unacademy यूनिकॉर्न बनी थी और महामारी के दौरान इसकी वैल्यूएशन 3.44 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी। हालांकि, बाद में कंपनी ने अपने संचालन को सीमित किया और टिकाऊ व्यवसाय बनाने पर ध्यान केंद्रित किया।
समझौता और मंजूरी
मार्च में, दोनों कंपनियों ने शेयरों के बदले शेयर देने वाले सौदे के लिए समझौता किया। इसके तहत गौरव मुंजाल को Unacademy के CEO के रूप में बने रहना था। जुलाई में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस प्रस्तावित सौदे को मंजूरी दे दी।
Unacademy की वित्तीय स्थिति
यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब Unacademy ने कहा है कि उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुंजाल के अनुसार, कंपनी का मौजूदा कारोबार लगभग 400 करोड़ रुपये है और अधिकांश कारोबार मुनाफे में हैं। उनके पास लगभग 900 करोड़ रुपये बैंक में भी हैं।
कंपनी की स्वतंत्रता
मुंजाल ने स्पष्ट किया कि Unacademy के पास स्वतंत्र रूप से कारोबार जारी रखने का विकल्प था। उन्होंने कहा, 'कंपनी की लगभग 400 करोड़ रुपये की कमाई हो रही थी। इसलिए हमें इस सौदे के लिए कोई दबाव नहीं था। लेकिन अपग्रेड के साथ आगे बढ़ना एक बेहतर अवसर था।'
सौदे के पीछे की सोच
गौरव मुंजाल ने कहा कि उन्होंने रोनी स्क्रूवाला से कई बार मुलाकात की है और उनकी शिक्षा के प्रति सोच ने उन्हें प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे की कमी नहीं थी, इसलिए उन्होंने इस सौदे पर सोचने का समय लिया।
