अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
17 सितंबर को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई। मध्य पूर्व में आपूर्ति में सुधार के संकेतों के चलते ब्रेंट क्रूड का मूल्य 102 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चला गया। इससे पहले बुधवार को भी कीमतों में 2.7% की गिरावट देखी गई थी। सऊदी अरब ने अपनी प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की क्षमता को जल्द ही बहाल करने के प्रयासों से बाजार को राहत दी है।
ड्रोन हमलों के कारण पाइपलाइन बंद
पिछले सप्ताह ड्रोन हमलों के कारण बंद की गई ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को फिर से चालू करने के प्रयास जारी हैं। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के अनुसार, यह पाइपलाइन कुछ ही दिनों में पूरी तरह से कार्यशील हो सकती है। इसके अतिरिक्त, सऊदी अरब ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट स्थित ठिकानों से एशियाई रिफाइनरियों को अतिरिक्त तेल की बिक्री की है, जिससे आपूर्ति संकट का डर कम हुआ है।
भू-राजनीतिक जोखिम और बाजार की स्थिति
इस वर्ष कच्चे तेल की कीमतों में 70% से अधिक की वृद्धि हुई है, जिसने वैश्विक महंगाई दर को प्रभावित किया है। हालांकि, गुरुवार को शेयर बाजार में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने स्थिति को थोड़ा संतुलित किया। फिर भी, अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण तेल की आपूर्ति पर जोखिम बना हुआ है। इसके अलावा, लाल सागर क्षेत्र में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी संपत्तियों पर हमले भी निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा रहे हैं।
