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अंबुजा सीमेंट्स का उत्पादन क्षमता विस्तार: 14,500 करोड़ रुपये का निवेश

अंबुजा सीमेंट्स ने वित्त वर्ष 2028-29 तक अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता को 14.9 करोड़ टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने के लिए 14,500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है। कंपनी के सीईओ विनोद बाहेती ने बताया कि यह निवेश एकीकृत और 'ग्राइंडिंग' इकाइयों के माध्यम से किया जाएगा। अंबुजा का लक्ष्य 2029-30 तक अपनी कुल उत्पादन क्षमता को 15.5 करोड़ टन प्रति वर्ष तक बढ़ाना है। विस्तार के लिए आवश्यक वित्तपोषण की व्यवस्था कंपनी के संचालन से उत्पन्न नकदी से की जाएगी।
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अंबुजा सीमेंट्स का नया निवेश योजना

नई दिल्ली, 3 नवंबर: अदाणी समूह की अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (एसीएल) वित्त वर्ष 2028-29 तक अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता को 14.9 करोड़ टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने के लिए अगले तीन वर्षों में लगभग 14,500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी के अधिकारियों ने हाल ही में विश्लेषकों के साथ आय संबंधी चर्चा में यह जानकारी साझा की। वर्तमान में, अंबुजा सीमेंट्स की उत्पादन क्षमता 11.35 करोड़ टन प्रति वर्ष है, जो इसे देश की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी बनाती है।


कंपनी के सीईओ विनोद बाहेती ने बताया कि अंबुजा सीमेंट्स बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए तैयार है और मांग में सुधार का लाभ उठाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित निवेश का उद्देश्य कंपनी की एकीकृत और 'ग्राइंडिंग' इकाइयों के माध्यम से लगभग तीन करोड़ टन उत्पादन क्षमता जोड़ना है। उनका लक्ष्य वित्त वर्ष 2029-30 तक कुल उत्पादन क्षमता को 15.5 करोड़ टन प्रति वर्ष तक बढ़ाना है।


इस योजना में मौजूदा इकाइयों की समस्याओं को हल करके अतिरिक्त 1.5 करोड़ टन क्षमता जोड़ना भी शामिल है। बाहेती ने कहा कि इस तीन करोड़ टन क्षमता विस्तार के लिए लगभग 14,500 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी, जिसमें एकीकृत और 'ग्राइंडिंग' इकाइयां शामिल हैं।


इस निवेश के लिए हर साल लगभग 7,500 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि यह विस्तार योजना पहले दिए गए अनुमानों के अनुरूप है और इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने की रूपरेखा में कोई बदलाव नहीं आया है। अंबुजा सीमेंट्स ने पहले वित्त वर्ष 2027-28 तक 14 करोड़ टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा था।


इसके बाद, मौजूदा संयंत्रों की उत्पादन संबंधी समस्याओं को हल करके वित्त वर्ष 2029-30 तक क्षमता को 15.5 करोड़ टन करने की योजना है। बाहेती ने विस्तार के कारणों को बताते हुए कहा कि पिछले कुछ तिमाहियों में वितरकों के स्तर पर गतिविधियों में वृद्धि हुई है। बिक्री में सुधार हुआ है और संस्थागत कारोबार पर ध्यान बढ़ा है।


उन्होंने कहा, "हम अब इस स्थिति में हैं कि मूल्य पर ध्यान देते हुए बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं।" विस्तार के लिए वित्तपोषण के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि उसका परिचालन पर्याप्त नकदी उत्पन्न करेगा, जिससे प्रस्तावित पूंजीगत व्यय की आवश्यकता पूरी हो सकेगी। इस प्रकार, अगले तीन वर्षों में विस्तार कार्यक्रम के लिए कंपनी को बाहरी वित्तपोषण पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।


हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति जरूरत पड़ने पर अंतरिम वित्तपोषण की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त गुंजाइश देती है। उन्होंने कहा, "हमारा अनुमान है कि कंपनी अपने संसाधनों से ही इस विस्तार को पूरा कर सकेगी।"