अक्टूबर में जीएसटी संग्रह में 23% की वृद्धि, 2.31 लाख करोड़ रुपये पार
जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि
नई दिल्ली, 1 नवंबर: अक्टूबर में देश का कुल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह वृद्धि घरेलू गतिविधियों और आयात से प्राप्त राजस्व में मजबूती के कारण हुई है, जैसा कि सरकार द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है।
यह लगातार दूसरा महीना है जब जीएसटी संग्रह दो लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है, जो कि जीएसटी संग्रह का दूसरा सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है। इससे पहले अप्रैल में लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड संग्रह हुआ था।
वर्तमान वित्त वर्ष में अक्टूबर के दौरान जीएसटी संग्रह में सालाना आधार पर 22.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इस वित्त वर्ष में अब तक की सबसे तेज वृद्धि है। आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में घरेलू बिक्री से जीएसटी संग्रह 16 प्रतिशत बढ़कर 1.59 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। आयात से प्राप्त राजस्व में भी 42 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जो 72,246 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
अक्टूबर के कुल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) का योगदान 42,935 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) का 51,340 करोड़ रुपये और एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) का योगदान 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। इस दौरान जीएसटी रिफंड भी सालाना आधार पर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 27,934 करोड़ रुपये हो गया। रिफंड के समायोजन के बाद अक्टूबर में शुद्ध जीएसटी संग्रह 26 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अक्टूबर के बीच सकल जीएसटी संग्रह 13.2 प्रतिशत बढ़कर 14.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इस अवधि में शुद्ध जीएसटी संग्रह 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। ग्रांट थॉर्नटन के कर विवाद प्रबंधन प्रमुख मनोज मिश्रा ने कहा कि अक्टूबर के जीएसटी आंकड़े त्योहारी सीजन में मांग में आई तेजी को दर्शाते हैं।
इस समय आमतौर पर उपभोक्ताओं का खर्च, खुदरा गतिविधियां और विभिन्न क्षेत्रों में वस्तुओं की आवाजाही बढ़ती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों में संग्रह का बेहतर प्रदर्शन आर्थिक गतिविधियों की मजबूती को दर्शाता है। मिश्रा ने कहा, 'अब ध्यान घरेलू राजस्व वृद्धि को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने पर होना चाहिए कि जीएसटी 2.0 के लाभ से कर अनुपालन बेहतर हो, इनपुट टैक्स क्रेडिट की प्रक्रिया सुगम बने और कारोबारियों को रिफंड जल्द मिले।'
ईवाई इंडिया के कर भागीदार सौरभ अग्रवाल ने कहा कि अक्टूबर 2026 का जीएसटी संग्रह वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
राजस्व में मासिक आधार पर लगातार वृद्धि से खपत की मजबूत स्थिति और कर अनुपालन में सुधार का संकेत मिलता है। उन्होंने कहा, 'आगे त्योहारी सीजन के कारण मांग मजबूत बने रहने की उम्मीद है और अगले महीने भी जीएसटी संग्रह अच्छा रह सकता है। कारोबारियों को इस दौरान अपने कर अनुपालन और लेखा मिलान की प्रक्रियाओं को मजबूत बनाए रखना चाहिए, ताकि इस वृद्धि का लाभ आगे भी मिलता रहे।'
डेलॉयट के भागीदार (अप्रत्यक्ष कर) महेश जयसिंह ने कहा कि पिछले साल के मध्य में कर दरों में बड़ी कटौती के बावजूद राजस्व संग्रह में लगातार मजबूती से जीएसटी परिषद को सुधारों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा और गुंजाइश मिल रही है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद की हालिया 57वीं बैठक इस सुधार प्रक्रिया की गति को दर्शाती है। सुधारों का जोर अब कर प्रणाली को सरल बनाने, रिफंड में तेजी लाने, इनपुट टैक्स क्रेडिट की प्रक्रिया सुगम करने और करदाताओं की मुश्किलें कम करने पर है।
