अनएकेडमी का अपग्रेड द्वारा अधिग्रहण: शिक्षा प्रौद्योगिकी में बड़ा बदलाव
अनएकेडमी का नया अध्याय
भारत की शिक्षा प्रौद्योगिकी में एक प्रमुख नाम, अनएकेडमी, अब अपने पूर्व शिखर मूल्यांकन की तुलना में काफी कम कीमत पर बेची गई है। इसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी अपग्रेड ने इसे लगभग 1,955 करोड़ रुपये (20.6 करोड़ डॉलर) के मूल्यांकन पर अधिग्रहित किया है। यह सौदा पूरी तरह से शेयरों के माध्यम से संपन्न हुआ है.
मूल्यांकन में गिरावट
2021 में अनएकेडमी का मूल्यांकन 3.44 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, लेकिन वर्तमान सौदा उस मूल्यांकन से लगभग 94 प्रतिशत कम है। अनएकेडमी के सह-संस्थापक और सीईओ गौरव मुंजाल ने इस अंतर को स्वीकार किया है, यह बताते हुए कि कंपनी ने अपने उच्चतम मूल्यांकन पर निवेश जुटाया था, लेकिन अब केवल एक छोटा हिस्सा प्राप्त हुआ है.
सौदे की प्रक्रिया
अपग्रेड के सह-संस्थापक और अध्यक्ष रॉनी श्रॉफवाला ने कहा कि अनएकेडमी के शेयरधारकों को इस सौदे के तहत अपग्रेड के शेयर दिए गए हैं। कुछ प्रारंभिक निवेशकों को सौदा पूरा होने पर भुगतान किया गया। यह सौदा लगभग छह महीने पहले मार्च में घोषित किया गया था और अब औपचारिक रूप से संपन्न हो गया है.
अनएकेडमी की वित्तीय स्थिति
अनएकेडमी के पास सौदे के समय लगभग 900 करोड़ रुपये की नकदी थी। गौरव मुंजाल ने बताया कि कंपनी का वार्षिक राजस्व लगभग 400 करोड़ रुपये था और अधिकांश कारोबार लाभ में था। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास स्वतंत्र रूप से काम करने का विकल्प भी था.
विस्तार की आवश्यकता
हालांकि, अनएकेडमी के प्रबंधन ने महसूस किया कि बड़े स्तर पर पहुंचने या भविष्य में सार्वजनिक बाजार में उतरने के लिए शिक्षा के अन्य क्षेत्रों में विस्तार आवश्यक है। अपग्रेड की पहले से ही ऑनलाइन और पारंपरिक शिक्षा में मजबूत उपस्थिति है, जिससे दोनों कंपनियों का एक साथ आना एक बेहतर विकल्प माना गया.
अनएकेडमी का विकास
अनएकेडमी की स्थापना 2015 में हुई थी। महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा की मांग में अचानक वृद्धि हुई, जिससे कंपनी ने तेजी से विस्तार किया। हालांकि, स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के फिर से खुलने के बाद ऑनलाइन शिक्षा की मांग में कमी आई, जिससे कंपनियों को अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ी.
सौदे में शामिल अन्य प्लेटफार्म
अनएकेडमी के अधिग्रहण में प्रेपलैडर, ग्राफी और भाषा सीखने वाला प्लेटफार्म एयरलर्न भी शामिल है। एयरलर्न के पास लगभग एक करोड़ उपयोगकर्ता हैं और यह 150 से अधिक देशों में सक्रिय है. अपग्रेड के अध्यक्ष ने इसके वैश्विक विस्तार की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है.
भविष्य की योजनाएं
गौरव मुंजाल अनएकेडमी के सीईओ के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे और ऑनलाइन शिक्षा तथा एयरलर्न पर ध्यान केंद्रित करेंगे। कंपनी में वर्तमान में छंटनी की कोई योजना नहीं है, और अनएकेडमी का नाम आगे भी बना रहेगा.
शिक्षा प्रौद्योगिकी में बदलाव
अनएकेडमी ने 13 दौर में लगभग 88 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाई थी। यह सौदा भारत के शिक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है। महामारी के दौरान जिन कंपनियों का मूल्यांकन तेजी से बढ़ा, अब उन्हें मांग में कमी और बढ़ते खर्चों के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
बायजूज का उदाहरण
बायजूज का उदाहरण इस स्थिति का सबसे बड़ा प्रमाण है, जिसका मूल्यांकन कभी 22 अरब डॉलर था, लेकिन अब कंपनी दिवालिया प्रक्रिया में जा रही है। ऐसे में अनएकेडमी का अपग्रेड के साथ जुड़ना केवल एक कारोबारी सौदा नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा प्रौद्योगिकी उद्योग में बदलाव का प्रतीक है.
