अमेरिका-ईरान तनाव का असर: क्या बढ़ेंगे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम?
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हलचल
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच, भारतीय तेल कंपनियों ने बुधवार को पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए हैं। हालांकि, घरेलू बाजार में आम जनता को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि देश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतें 83 डॉलर के पार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। WTI क्रूड फ्यूचर्स 83.77 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। कारोबार के दौरान इसकी कीमत 83.38 डॉलर से लेकर 83.93 डॉलर प्रति बैरल तक रही।
कच्चे तेल की कीमतों में यह वृद्धि मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण मानी जा रही है। बाजार में चिंता है कि यदि दोनों देशों के बीच संघर्ष बढ़ता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतें
दिल्ली में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। यहां पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। घरेलू स्तर पर, तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों को अपडेट करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारतीय बाजार में इसका सीधा असर ईंधन की कीमतों पर नहीं पड़ा है।
भविष्य में कच्चे तेल की संभावनाएं
पिछले 52 हफ्तों में WTI क्रूड की कीमत 54.98 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर से लेकर 117.63 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर तक पहुंच चुकी है। मौजूदा तेजी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाजार पहले से ही भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए है।
यदि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका प्रभाव भविष्य में भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ सकता है।
