Newzfatafatlogo

अमेरिका का रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौता: ट्रंप का बचाव

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते का बचाव किया है, यह कहते हुए कि यह वैश्विक बाजार को स्थिर करेगा। हालांकि, इस समझौते की आलोचना दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा की गई है। ट्रंप का कहना है कि यह ईंधन दुनिया के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि सांसदों ने इसे अमेरिका के सहयोगियों के साथ विश्वासघात करार दिया है। जानें इस समझौते के पीछे की राजनीति और अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिक्रिया।
 | 

रूस से डीजल आपूर्ति पर ट्रंप का बयान

(फाइल फोटो के साथ) वॉशिंगटन, 14 अक्टूबर - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो रूस के साथ डीजल आपूर्ति समझौते के लिए आलोचना का सामना कर रहे हैं, ने कहा है कि रूस की रिफाइनरियों से मिलने वाला ईंधन वैश्विक बाजार को स्थिर करने में मदद करेगा, जो उच्च कीमतों से प्रभावित है। ट्रंप ने 9 अक्टूबर को बताया था कि रूस 3,00,000 टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा, इसके बाद नवंबर में 5,00,000 टन और उसके तुरंत बाद 10 लाख टन की अतिरिक्त आपूर्ति की जाएगी।


अमेरिकी वित्त मंत्रालय का कदम

इन खेपों की आपूर्ति को सुगम बनाने के लिए, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने एक अस्थायी लाइसेंस जारी किया है, जिसके तहत वैश्विक बाजारों में रूसी डीजल की आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों में 7 अप्रैल, 2027 तक ढील दी गई है। यह निर्णय अमेरिका में नवंबर में होने वाले कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों से पहले लिया गया है।


डिजल की कीमतों में वृद्धि

ईरान युद्ध के कारण आपूर्ति में बाधा आने से डीजल की कीमतों में तेजी आई है। ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, "यह डीजल का समझौता है, जो दुनिया के बाजार में जारी किया जा रहा है, हमें नहीं।" उन्होंने यह बात पिछले सप्ताह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद कही।


राजनीतिक प्रतिक्रिया

रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों दलों के नेताओं ने इस समझौते की आलोचना की है। ट्रंप ने कहा, "यह डीजल का ऐसा समझौता है, जिसके तहत ईंधन वैश्विक बाजार के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।" अमेरिका के सांसदों के एक समूह ने ट्रंप को पत्र लिखकर इस समझौते को "हमारे विरोधी के लिए तोहफा और हमारे सहयोगियों के साथ विश्वासघात" बताया।


कांग्रेस का कानून

अमेरिकी कांग्रेस ने पिछले महीने 'लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अधिनियम, 2026' पारित किया था, जिस पर ट्रंप ने तुरंत हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया। सांसदों ने कहा कि इस कानून के तहत राष्ट्रपति को रूस और उसके सहयोगियों पर आर्थिक दबाव डालने का अधिकार है।