अमेरिका ने 60 देशों पर श्रम कानूनों के उल्लंघन के लिए विशेष शुल्क लगाया
अमेरिका का नया शुल्क निर्णय
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर बंधुआ श्रम और श्रम कानूनों के उल्लंघन के कारण विशेष सीमा शुल्क लगाने का निर्णय लिया है।
यह कार्रवाई अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों के तहत की गई है, जो 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के अंतर्गत आती है। इस निर्णय से भारतीय निर्यातकों पर वित्तीय दबाव बढ़ने की संभावना है, हालांकि कुछ उत्पादों के लिए छूट भी दी गई है।
यूएसटीआर ने विभिन्न देशों के लिए अलग-अलग शुल्क दरें निर्धारित की हैं, जो व्यापक जांच और सार्वजनिक सुनवाइयों के बाद तय की गई हैं। भारत, अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, कनाडा, और अन्य देशों को 10 प्रतिशत की दर पर रखा गया है।
ये देश जबरन श्रम के खिलाफ आंशिक कदम उठाने या द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के तहत प्रतिबद्धता जताने वाले हैं।
दूसरी श्रेणी में यूरोपीय संघ, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड शामिल हैं, जिन पर 10 से 12.5 प्रतिशत का टैरिफ लागू होगा। जिन देशों ने जबरन श्रम रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं, उन पर अधिकतम 12.5 प्रतिशत का शुल्क लगाया जाएगा।
ग्रीर ने इस कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि अमेरिका में जबरन श्रम से बने सामान के आयात पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार असंतुलन को दूर करने में मदद करेगा।
हालांकि भारत पर 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है, लेकिन कुछ विशेष श्रेणियों को इस शुल्क से छूट दी गई है, जैसे कि कच्चा माल जिसकी अमेरिका में कमी हो सकती है।
