अमेरिका में आयात शुल्क विवाद: अमेजन को 60 करोड़ डॉलर की वापसी
अमेरिका में आयात शुल्क विवाद ने कई कंपनियों को अरबों डॉलर की वापसी दिलाई है। अमेजन ने 60 करोड़ डॉलर की वापसी की घोषणा की है, जिसमें से कुछ राशि ग्राहकों को लौटाई जाएगी। जानें इस निर्णय का व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा और अमेजन की भविष्य की योजनाएं क्या हैं।
| Aug 6, 2026, 22:54 IST
आयात शुल्क विवाद का नया मोड़
अमेरिका में आयात शुल्क को लेकर चल रहा विवाद अब एक महत्वपूर्ण कारोबारी निर्णय का रूप ले चुका है। देश के सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले के बाद कई बड़ी कंपनियों को अरबों डॉलर की राशि वापस मिलने लगी है। इस संदर्भ में अमेजन ने खुलासा किया है कि उसे लगभग 60 करोड़ डॉलर की शुल्क वापसी प्राप्त हुई है। कंपनी का कहना है कि इस राशि का एक हिस्सा उन ग्राहकों को लौटाया जाएगा, जिनसे पहले अतिरिक्त आयात शुल्क लिया गया था।
न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय
इस वर्ष फरवरी में, अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए कई आयात शुल्कों को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया था। न्यायालय ने यह माना कि इन शुल्कों के कारण व्यापारियों से अतिरिक्त धन वसूला गया था। इसके बाद सरकार को कंपनियों को लगभग 166 अरब डॉलर लौटाने का आदेश दिया गया। अब दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों के दौरान कंपनियां यह जानकारी साझा कर रही हैं कि उन्हें कितनी राशि वापस मिली है और उसका उपयोग कैसे किया जाएगा।
अमेजन की वापसी की राशि
अमेजन के मुख्य वित्तीय अधिकारी ब्रायन ओल्सावस्की ने निवेशकों से बातचीत में बताया कि कंपनी को 60 करोड़ डॉलर की वापसी मिली है। उन्होंने कहा कि कुछ विशेष मामलों में आयात से जुड़ा अतिरिक्त शुल्क ग्राहकों से लिया गया था। ऐसे ग्राहकों की पहचान कर उन्हें स्वतः धन वापस किया जाएगा, इसके लिए उन्हें अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
अन्य कंपनियों की स्थिति
हालांकि, अमेजन को मिली यह राशि अन्य बड़ी कंपनियों की तुलना में कम मानी जा रही है। एप्पल ने बताया है कि शुल्क वापसी से उसके सकल लाभ में लगभग दो प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, फोर्ड ने पहले ही जानकारी दी थी कि उसे लगभग 1.3 अरब डॉलर की वापसी मिलने की उम्मीद है।
अमेजन पर शुल्क का प्रभाव
ब्रायन ओल्सावस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेजन पर शुल्क का असर सीमित रहा, क्योंकि कंपनी ने पहले से ही कई आवश्यक कदम उठाए थे। उन्होंने बताया कि संभावित शुल्क बढ़ने से पहले ही बड़ी मात्रा में सामान का भंडारण कर लिया गया था। इसके अलावा, अमेजन के मंच पर बिकने वाले अधिकांश उत्पादों के आयात की जिम्मेदारी सीधे विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं की होती है, इसलिए शुल्क का सीधा बोझ कंपनी पर कम पड़ा।
ग्राहकों को धन वापसी
जहां भी आयात लागत बढ़ी, अमेजन ने अधिकांश मामलों में अतिरिक्त खर्च खुद उठाया और उसे ग्राहकों पर पूरी तरह नहीं डाला। केवल कुछ सीमित परिस्थितियों में ही अतिरिक्त आयात शुल्क ग्राहकों से लिया गया था। ऐसे मामलों में अब ग्राहकों को भुगतान वापस किया जाएगा।
भविष्य की योजनाएं
कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुल 60 करोड़ डॉलर में से कितना हिस्सा ग्राहकों को लौटाया जाएगा। अमेजन का कहना है कि शेष राशि का उपयोग ग्राहकों के लिए कम कीमत बनाए रखने और कारोबार में आगे निवेश करने के लिए किया जाएगा।
बाजार में कीमतों का प्रभाव
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 की शुरुआत से सितंबर तक अमेजन पर बिकने वाले उत्पादों की औसत कीमत में लगभग 5.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके मुकाबले वॉलमार्ट और टारगेट में इसी अवधि के दौरान कीमतों में लगभग 1.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेजन के मंच पर बड़ी संख्या में स्वतंत्र विक्रेता कारोबार करते हैं और आयात शुल्क का असर उन पर भी पड़ा था। ऐसे में न्यायालय के इस फैसले से न केवल बड़ी कंपनियों बल्कि हजारों विक्रेताओं और कई ग्राहकों को भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
