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अमेरिका में ब्याज दरों में वृद्धि: महंगाई और ईंधन की कीमतों का असर

अमेरिका में महंगाई और ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने आर्थिक स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है, जो तीन साल में पहली बार है। इस निर्णय का प्रभाव कर्ज, आवास और वाहन खरीदने की लागत पर पड़ेगा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्याज दरों में कटौती की मांग की है। जानें इस आर्थिक स्थिति का विस्तृत विश्लेषण।
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अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव

अमेरिका में महंगाई और ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने आर्थिक स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस संदर्भ में, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया है। यह तीन साल से अधिक समय में पहली बार है जब फेड ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। इस निर्णय का प्रभाव अमेरिका में कर्ज, आवास और वाहन खरीदने की लागत पर पड़ सकता है।


ब्याज दरों में वृद्धि का विवरण

फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि की, जिससे यह 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के बीच पहुंच गई है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन महंगाई अभी भी उसके 2 प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव के कारण आर्थिक अनिश्चितता भी बनी हुई है।


कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल मंगलवार को लगभग 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। महंगे ईंधन का सीधा असर परिवहन और अन्य वस्तुओं की लागत पर पड़ता है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।


पेट्रोल और डीजल की कीमतें

अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। अमेरिकी वाहन संघ के अनुसार, एक गैलन पेट्रोल की औसत कीमत 4.36 डॉलर यानी लगभग 1.15 डॉलर प्रति लीटर हो गई है। पिछले सप्ताह में इसमें 14 सेंट की वृद्धि हुई है। पिछले महीने यह कीमत लगभग 4.06 डॉलर प्रति गैलन थी।


डीजल की स्थिति और भी चिंताजनक है। इसकी औसत कीमत 6.31 डॉलर यानी लगभग 1.67 डॉलर प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। डीजल का उपयोग सामान ढोने वाले ट्रकों में बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए इसकी कीमत में वृद्धि से फल, सब्जियां, इस्पात, सीमेंट और अन्य वस्तुओं की ढुलाई महंगी हो सकती है।


महंगाई की स्थिति

हालिया आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में अमेरिका में उपभोक्ता कीमतों में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो चार महीनों में सबसे अधिक है। सालाना आधार पर महंगाई 3.4 प्रतिशत रही। अमेरिका में नए शुल्क और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े बड़े निवेश पर बढ़ते खर्च भी कीमतों पर दबाव डाल रहे हैं। हालांकि, रोजगार बाजार अभी भी अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है।


भविष्य की ब्याज दरें

फेड के अधिकारियों के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, इस वर्ष एक और ब्याज वृद्धि संभव है। इसके बाद अगले वर्ष ब्याज दरों को वर्तमान स्तर पर बनाए रखने का अनुमान है। इससे यह संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल महंगाई को नियंत्रित करने को प्राथमिकता दे रहा है।


बाजार की प्रतिक्रिया

इस निर्णय से पहले, बाजार में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना तेजी से बढ़ी थी। एक सप्ताह पहले इसकी संभावना लगभग 40 प्रतिशत थी, जबकि बुधवार को यह बढ़कर 92.3 प्रतिशत हो गई।


राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ब्याज दरों में कटौती की मांग कर रहे हैं। निर्णय के कुछ घंटे बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका में ब्याज दर एक प्रतिशत या उससे कम होनी चाहिए। उन्होंने जल्द दरें कम करने की मांग भी दोहराई।


ट्रंप ने पहले फेड के पूर्व अध्यक्ष जेरोम पॉवेल पर भी ब्याज दरें कम नहीं करने का दबाव बनाया था। उनके कार्यकाल के दौरान सरकार की ओर से पॉवेल के खिलाफ आपराधिक जांच भी शुरू की गई थी, जिसे पॉवेल ने फेड की स्वतंत्रता को कमजोर करने की कोशिश बताया था।


फेड के अध्यक्ष पर ट्रंप का भरोसा

फेड के वर्तमान अध्यक्ष केविन वार्श के बारे में ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें अब भी उन पर भरोसा है। हालांकि, उन्होंने ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर अधिक बताया है। ऐसे में आने वाले महीनों में फेड को महंगाई, ईंधन की कीमत और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना होगा।