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आईएलएंडएफएस ने पूर्व निदेशकों से 185.88 करोड़ रुपये की वसूली के लिए एनसीएलटी का सहारा लिया

आईएलएंडएफएस ने अपने पूर्व निदेशकों से 185.88 करोड़ रुपये की वसूली के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण का सहारा लिया है। कंपनी ने वित्तीय विवरणों को फिर से तैयार करने के बाद यह कदम उठाया है। जानें कैसे पूर्व निदेशकों ने इस पर आपत्ति जताई और कंपनी की वित्तीय स्थिति क्या है।
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आईएलएंडएफएस की वसूली की प्रक्रिया

कर्ज के भारी बोझ से जूझ रही अवसंरचना वित्तपोषण कंपनी आईएलएंडएफएस ने अपने पूर्व निदेशकों और समूह की दो कंपनियों के पूर्व निदेशकों से वित्त वर्ष 2013-14 से 2017-18 के दौरान दिए गए 185.88 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रबंधकीय पारिश्रमिक की वसूली के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का रुख किया है। यह कदम कंपनी द्वारा वित्तीय विवरणों को फिर से तैयार करने के बाद उठाया गया है।


एनसीएलटी में दायर याचिका

आईएलएंडएफएस ने मुंबई स्थित एनसीएलटी में एक याचिका दायर की है, जिसमें उसने अपने पूर्व निदेशकों और समूह की दो प्रमुख अनुषंगी कंपनियों, आईएलएंडएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज (आईएफआईएन) और आईएलएंडएफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क्स (आईटीएनएल) से अतिरिक्त पारिश्रमिक लौटाने का अनुरोध किया है।


अंतरिम निर्देश की अपील

कंपनी ने सुनवाई के दौरान संबंधित पूर्व निदेशकों को अतिरिक्त प्रबंधकीय पारिश्रमिक या अनुचित लाभ की राशि को एक अलग ब्याज वाले सावधि जमा खाते में जमा करने का अंतरिम निर्देश देने की भी अपील की है। आईएलएंडएफएस ने कहा कि उसने अपने पूर्व निदेशकों को मूल वित्तीय खातों में दर्शाए गए मुनाफे के आधार पर पारिश्रमिक का भुगतान किया था, लेकिन बाद में एनसीएलटी के निर्देश पर इन खातों को फिर से तैयार किया गया, जिसमें कंपनी घाटे में दिखाई दी।


फाइनेंशियल रिपोर्ट का पुनरीक्षण

पुनरीक्षित वित्तीय विवरणों के अनुसार, आईएलएंडएफएस को वित्त वर्ष 2013-14 से 2017-18 के दौरान कुल 9,415.24 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जबकि मूल खातों में 1,865.73 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्शाया गया था। इसी अवधि में आईएफआईएन को 5,655.22 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जबकि उसके मूल खातों में 1,015.67 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया गया। आईटीएनएल को भी 1,628.44 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जबकि मूल खातों में 1,246.33 करोड़ रुपये का लाभ दिखाया गया।


पूर्व निदेशकों की आपत्ति

कंपनी मामलों के मंत्रालय ने आईएलएंडएफएस को अतिरिक्त पारिश्रमिक की वसूली का निर्देश दिया था, जिसके बाद कंपनी ने अपने सभी 23 पूर्व निदेशकों को नोटिस जारी किए। हालांकि, पूर्व निदेशकों ने इन नोटिसों पर आपत्ति जताई है। कंपनी ने कई बार नोटिस भेजने और राशि लौटाने के लिए याद दिलाने के बावजूद किसी भी पूर्व प्रबंधकीय अधिकारी ने अतिरिक्त रकम वापस नहीं की है।