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आईडीबीआई बैंक के विनिवेश पर निवेशकों की बढ़ती रुचि

आईडीबीआई बैंक के विनिवेश कार्यक्रम ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे बैंक के शेयरों में तेजी आई है। हाल के दिनों में, बैंक के शेयरों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, और निवेशकों की रुचि बढ़ी है। केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम मिलकर बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। इस प्रक्रिया में प्रगति और बैंक के वित्तीय प्रदर्शन ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। जानें इस विषय पर और क्या हो रहा है।
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आईडीबीआई बैंक के विनिवेश पर निवेशकों की बढ़ती रुचि

आईडीबीआई बैंक का विनिवेश कार्यक्रम

हाल के समय में सरकारी विनिवेश योजनाओं पर निवेशकों का ध्यान केंद्रित हो गया है, और इस संदर्भ में आईडीबीआई बैंक फिर से चर्चा का विषय बन गया है। बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया में प्रगति और वित्त वर्ष 2027 के दौरान सौदे के पूरा होने की संभावनाओं ने बाजार में सकारात्मक माहौल उत्पन्न किया है। इसका प्रभाव बैंक के शेयरों पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया है।


बैंक के शेयरों में तेजी

बुधवार को आईडीबीआई बैंक के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी आई। बाजार में यह चर्चा थी कि बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है, जिससे निवेशकों ने बैंक के शेयरों में खरीदारी की।


शेयरों का कारोबार

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय शेयर बाजार में आईडीबीआई बैंक के 1.06 करोड़ से अधिक शेयर बड़े सौदों के माध्यम से खरीदे और बेचे गए। इन सौदों में शेयरों की कीमत 82 रुपये से 92 रुपये के बीच रही, जो पिछले बंद भाव की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाती है। हालांकि, इन सौदों में खरीदार और विक्रेता की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।


शेयर की कीमत में वृद्धि

दिन के कारोबार के दौरान, बैंक का शेयर 92.25 रुपये तक पहुंच गया, जो लगभग तीन महीने का उच्चतम स्तर है। कारोबार समाप्त होने तक, शेयर 17.12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 90.36 रुपये पर बंद हुआ। सत्र के दौरान यह 91.88 रुपये तक भी पहुंचा।


बाजार में कारोबार की मात्रा

शेयर की कीमत में वृद्धि के साथ-साथ कारोबार की मात्रा में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई। दोपहर तक, राष्ट्रीय शेयर बाजार में लगभग 20.7 करोड़ शेयरों का कारोबार हो चुका था, जो सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक है। यह संकेत करता है कि निवेशकों की रुचि बैंक में बढ़ी है।


विनिवेश की योजना

केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम मिलकर आईडीबीआई बैंक में अपनी कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। प्रस्तावित सौदे के तहत, केंद्र सरकार 30.48 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। इसके साथ ही, बैंक का प्रबंधन नियंत्रण भी नए खरीदार को सौंपा जाएगा।


सरकारी हिस्सेदारी

वर्तमान में, केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम के पास बैंक की लगभग 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिससे यह देश के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक विनिवेश कार्यक्रमों में से एक माना जाता है।


सरकार की प्रतिबद्धता

हाल ही में, केंद्रीय वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस विनिवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त राज्य मंत्री ने संसद में बताया कि चयनित बोलीदाता बैंक से जुड़ी विस्तृत जांच और मूल्यांकन की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।


बाजार की स्थिति का मूल्यांकन

सरकार मौजूदा बाजार की स्थिति को देखते हुए आरक्षित मूल्य सहित कई पहलुओं की समीक्षा कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि नए मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक महीने का समय लगेगा, जिसके बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।


बैंक का वित्तीय प्रदर्शन

आईडीबीआई बैंक के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में खराब ऋणों की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया है और लगातार लाभ कमाने की स्थिति में वापसी की है। मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में, बैंक ने 1,943.2 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। हालांकि, यह पिछले वर्ष के 2,051.2 करोड़ रुपये की तुलना में थोड़ा कम है, लेकिन बैंक की ब्याज आय में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 3,851.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।


निवेशकों की नजरें

बैंक की सुधरती वित्तीय स्थिति, विनिवेश प्रक्रिया में प्रगति और बाजार में बढ़ते विश्वास को देखते हुए, निवेशकों की नजर अब आने वाले महीनों में होने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों पर टिकी हुई है।