आयुष सेवा क्षेत्र का आर्थिक योगदान: 2047 तक 318 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान
आयुष सेवा क्षेत्र की वृद्धि
आयुष सेवा क्षेत्र अब देश के सबसे तेजी से विकसित होते सेवा क्षेत्रों में से एक बन चुका है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस क्षेत्र का आर्थिक योगदान लगभग 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, वर्ष 2047 तक यह आंकड़ा 216 से 318 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
विकास दर और रोजगार
रिसर्च एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (आरआईएस) द्वारा प्रस्तुत एक अध्ययन में बताया गया है कि आयुष क्षेत्र ने वर्ष 2022-23 के बाद से सालाना 16.91 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है। यह क्षेत्र लगभग 17.6 लाख लोगों के लिए आजीविका का स्रोत बना हुआ है। नागपुर में 23 सितंबर को आयोजित 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि आयुष क्षेत्र ने वर्ष 2024-25 में चिकित्सा मूल्य यात्रा (एमवीटी) से लगभग 1.77 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त किया।
आयुष मंत्री का बयान
केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि इस अध्ययन के निष्कर्ष आयुष क्षेत्र की बढ़ती आर्थिक क्षमता को स्पष्ट करते हैं। उन्होंने बताया कि आयुष अब केवल सांस्कृतिक धरोहर नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वास्थ्य, वेलनेस, रोजगार और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला क्षेत्र बन चुका है। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह अध्ययन भविष्य में निवेश, नीतिगत योजना और सुधारों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
सर्वेक्षण के निष्कर्ष
यह पहली बार है जब राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठान-आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से आयुष सेवाओं के आर्थिक योगदान का मूल्यांकन किया गया है। आरआईएस के महानिदेशक प्रोफेसर सचिन कुमार शर्मा ने बताया कि इस अध्ययन में सभी छह आयुष प्रणालियों से जुड़े 15,914 प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि आयुष क्षेत्र अब अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण और ज्ञान आधारित सेवा क्षेत्र बन चुका है, जो लगभग 17 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि और 17.6 लाख रोजगार को समर्थन प्रदान करता है।
आयुर्वेद का योगदान
आयुष की विभिन्न प्रणालियों में आयुर्वेद सबसे बड़ा क्षेत्र है। वर्ष 2024-25 में आयुर्वेद से लगभग 17.73 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ, जो आयुष क्षेत्र के कुल राजस्व का लगभग 48 प्रतिशत है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयुष क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 43 प्रतिशत है, जबकि कई संगठित क्षेत्रों में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत से अधिक है।
