आरबीआई ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना में किए महत्वपूर्ण बदलाव
किसान क्रेडिट कार्ड योजना में संशोधन
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के नियमों में बदलाव किया है। इस संशोधन का उद्देश्य ऋण स्वीकृति और चुकौती प्रक्रियाओं में एकरूपता लाना है, जिसके तहत फसल सीजन की अवधि को समान बनाया गया है।
आरबीआई के नए निर्देश, जो वाणिज्यिक बैंक-केसीसी योजना के अंतर्गत आते हैं, अगले वर्ष जनवरी से प्रभावी होंगे। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश केसीसी योजना के तहत बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त और समय पर ऋण सहायता प्रदान करने के लिए जारी किए गए हैं।
इनका मुख्य उद्देश्य कृषि और उससे संबंधित कार्यों में लगे उधारकर्ताओं की कार्यशील पूंजी और निवेश ऋण की आवश्यकताओं को पूरा करना है। फसल मौसम की अवधि को 'आय पहचान और संपत्ति वर्गीकरण' (आईआरएसी) नियमों के अनुरूप संशोधित किया गया है।
निर्देशों के अनुसार, अल्पावधि फसलों के लिए फसल मौसम की अवधि 12 महीने और दीर्घावधि फसलों के लिए 18 महीने निर्धारित की जाएगी।
फसल मौसम का तात्पर्य फसल की बुवाई से लेकर उसकी कटाई और विपणन तक की अवधि से है। केंद्रीय बैंक ने फरवरी में संशोधित केसीसी योजना के लिए मसौदा निर्देश जारी कर आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे थे।
आरबीआई ने बिना जमानत वाले ऋण की सीमा बढ़ाने के सुझावों को अस्वीकार करते हुए कहा कि यह सीमा दिसंबर 2024 में पहले ही बढ़ाई जा चुकी है और वर्तमान में इसमें और वृद्धि का कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, कृषि ऋण के लिए दो लाख रुपये तक स्वेच्छा से सोना या चांदी गिरवी रखना कृषि क्षेत्र में बिना गारंटी ऋण संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
