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आरबीआई ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की, महंगाई पर नियंत्रण की कोशिश

भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई के बढ़ते दबाव के चलते रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की है। यह निर्णय आम जनता की जेब पर सीधा असर डाल सकता है, खासकर होम और कार लोन की ईएमआई पर। जानें कि यह वृद्धि क्यों की गई और इसके पीछे के कारण क्या हैं। इसके अलावा, कमजोर मानसून और कच्चे तेल की कीमतों का भी महंगाई पर प्रभाव पड़ सकता है।
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महंगाई के बीच आरबीआई का महत्वपूर्ण निर्णय


नई दिल्ली: महंगाई के बढ़ते दबाव के चलते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। लगभग 44 महीनों के बाद, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने पहली बार रेपो रेट में वृद्धि का ऐलान किया है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे यह 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो जाएगा।


इस ब्याज दर में वृद्धि का सीधा प्रभाव आम जनता की जेब पर पड़ सकता है। विशेष रूप से, होम लोन, कार लोन और अन्य रिटेल लोन की ईएमआई महंगी होने की संभावना है। आइए जानते हैं कि रेपो रेट में वृद्धि का कारण क्या है और इसका होम और कार लोन की ईएमआई पर क्या प्रभाव पड़ेगा।


रेपो रेट में वृद्धि का कारण

रेपो रेट में वृद्धि का मुख्य कारण महंगाई का बढ़ता दबाव है। वर्तमान में, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवहन, उत्पादन और कई आवश्यक वस्तुओं की लागत भी बढ़ सकती है। इसके अलावा, प्राकृतिक गैस, खाद और अन्य आवश्यक आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं ने भी महंगाई के दबाव को बढ़ाया है।




कमजोर मानसून की चिंता

महंगाई को लेकर एक और चिंता का विषय कमजोर मानसून है। अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून उम्मीद के अनुसार नहीं रहा, जिससे कृषि और फसल उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यदि कृषि उत्पादन प्रभावित होता है, तो खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की संभावना है, जिससे महंगाई पर और दबाव पड़ेगा।


होम और कार लोन की ईएमआई पर प्रभाव

रेपो रेट में वृद्धि का प्रभाव बैंकों की ब्याज दरों पर पड़ेगा। जब बैंक महंगे दर पर पैसा लेते हैं, तो इसका असर ग्राहकों को दिए जाने वाले लोन पर भी दिखाई देगा। ऐसे में जिन लोगों के पास होम लोन, कार लोन या फ्लोटिंग रेट लोन हैं, उनकी ईएमआई बढ़ सकती है या लोन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। नए लोन लेने वालों के लिए भी ब्याज दरें पहले की तुलना में अधिक हो सकती हैं।


क्या ब्याज दरें आगे भी बढ़ेंगी?

आरबीआई ने कहा है कि यदि महंगाई का दबाव इसी तरह बना रहा, तो आने वाली MPC बैठक में भी ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना है। वर्तमान में, आरबीआई का मुख्य लक्ष्य महंगाई को नियंत्रित करना है। भविष्य में कच्चे तेल की कीमतें, मानसून, खाद्य महंगाई और वैश्विक परिस्थितियां ब्याज दरों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।