इन्फोसिस के चेयरमैन ने एआई के अवसरों पर दिया बड़ा बयान
इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन निलेकणी ने एआई के बारे में महत्वपूर्ण विचार साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने बताया कि यह तकनीक कंपनियों को प्रतिस्थापित नहीं करेगी, बल्कि उनके प्रभाव को बढ़ाएगी। उन्होंने एआई के तेजी से विकास और इसके वैश्विक व्यापार पर प्रभाव के बारे में भी चर्चा की। जानें कि कैसे इन्फोसिस इस बदलाव का लाभ उठाने के लिए तैयार है और भविष्य में तकनीकी प्राथमिकताएं क्या होंगी।
| Jun 23, 2026, 22:53 IST
एआई के प्रभाव पर नंदन निलेकणी का दृष्टिकोण
तकनीकी क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर बहस जारी है। कुछ लोग इसे रोजगार के लिए खतरा मानते हैं, जबकि अन्य इसे नए अवसरों का स्रोत मानते हैं। इस संदर्भ में, इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन निलेकणी ने एआई के बारे में महत्वपूर्ण विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक कंपनियों को प्रतिस्थापित नहीं करेगी, बल्कि जो संस्थान तेजी से बदलाव को अपनाएंगे, उनकी क्षमता और प्रभाव को कई गुना बढ़ाएगी।
इन्फोसिस की वार्षिक आम बैठक में बयान
इन्फोसिस की 45वीं वार्षिक आम बैठक में, नंदन निलेकणी ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीकी क्षेत्र एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उनके अनुसार, एआई का तेजी से विकास पुरानी तकनीकी प्रणालियों को आधुनिक बनाने की आवश्यकता को और बढ़ा रहा है। कंपनियों को अब अपने पुराने ढांचों को बदलने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
एआई का वैश्विक व्यापार पर प्रभाव
पिछले कुछ वर्षों में, एआई तकनीक ने वैश्विक स्तर पर व्यापार करने के तरीकों में बदलाव लाना शुरू कर दिया है। वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में, इन्फोसिस जैसी कंपनियां इस बदलाव को एक अवसर के रूप में देख रही हैं।
इन्फोसिस की एआई सेवाओं की वृद्धि
नंदन निलेकणी ने बताया कि इन्फोसिस की एआई आधारित सेवाओं से होने वाली वार्षिक आय अब 1 अरब डॉलर को पार कर चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि कंपनियां एआई से जुड़े समाधानों में तेजी से निवेश कर रही हैं। इन्फोसिस इस क्षेत्र में कई प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ सहयोग कर रही है।
भविष्य की तकनीकी प्राथमिकताएं
उन्होंने कहा कि भविष्य में कंपनियां तैयार सॉफ्टवेयर खरीदने के बजाय अपनी विशेष आवश्यकताओं के अनुसार सॉफ्टवेयर विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं। उनके अनुसार, भविष्य का असली मूल्य उन प्रणालियों में होगा जहां एआई आधारित मॉडल और पारंपरिक कारोबारी प्रणालियों का समन्वय होगा।
बड़े संस्थानों की चुनौतियाँ
हालांकि, कई बड़े कारोबारी संस्थान अभी भी एआई के पूर्ण उपयोग के शुरुआती चरण में हैं। नंदन निलेकणी का मानना है कि बड़ी कंपनियों में तकनीक अपनाने और उसके वास्तविक उपयोग के बीच एक बड़ा अंतर है। इस अंतर को कम करने में इन्फोसिस जैसी कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
साइबर सुरक्षा और डेटा प्रबंधन की आवश्यकता
उन्होंने यह भी कहा कि बड़े संस्थानों के लिए केवल नई तकनीक पर्याप्त नहीं है। मजबूत साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, भरोसेमंद ढांचा और व्यापक परीक्षण जैसी व्यवस्थाएं भी आवश्यक हैं। इसीलिए, अनुभवी तकनीकी कंपनियों की भूमिका भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है।
इन्फोसिस के एआई परियोजनाएँ
मौजूदा जानकारी के अनुसार, इन्फोसिस अपने शीर्ष 200 ग्राहकों में से लगभग 90 प्रतिशत के साथ एआई परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक एआई आधारित सेवाओं का वैश्विक बाजार 300 से 400 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
भविष्य के लिए इन्फोसिस की तैयारी
नंदन निलेकणी ने विश्वास व्यक्त किया कि इन्फोसिस इस बदलाव का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका कहना है कि ग्राहकों का विश्वास और वर्षों का अनुभव कंपनी की सबसे बड़ी ताकत हैं, जो उसे तकनीक के अगले दौर में भी मजबूत बनाए रखेगी। उनका संदेश स्पष्ट था कि एआई चुनौती से अधिक अवसर लेकर आई है, और जो संस्थान समय के साथ खुद को बदलेंगे, वही भविष्य में सबसे आगे रहेंगे।
