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इमामी लिमिटेड का लाभ पहली तिमाही में 15% घटा, लेकिन आय में वृद्धि

इमामी लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में 15% की कमी दर्ज की, जो 138.94 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, कंपनी की परिचालन आय में लगभग 15% की वृद्धि हुई, जो 1,039.21 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई के दबाव ने लाभ को प्रभावित किया, लेकिन कंपनी ने लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि की। जानें इस वित्तीय प्रदर्शन के पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएं।
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इमामी लिमिटेड का वित्तीय प्रदर्शन

कोलकाता, चार अगस्त: उपभोक्ता सामान बनाने वाली प्रमुख कंपनी इमामी लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में अपने एकीकृत शुद्ध लाभ में लगभग 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की, जो 138.94 करोड़ रुपये रहा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, महंगाई का दबाव और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के कारण कंपनी के खर्च में वृद्धि हुई, जिससे लाभ प्रभावित हुआ। कंपनी ने शेयर बाजार को सूचित किया कि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 164.26 करोड़ रुपये था।


समीक्षाधीन तिमाही में इमामी की परिचालन आय लगभग 15 प्रतिशत बढ़कर 1,039.21 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 904.09 करोड़ रुपये थी। हालांकि, एकल आधार पर कंपनी का शुद्ध लाभ 12 प्रतिशत बढ़कर 182.22 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में 163.09 करोड़ रुपये था। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च लगभग 18 प्रतिशत बढ़कर 813.03 करोड़ रुपये हो गया।


कच्चे तेल से संबंधित कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री की लागत में वृद्धि के कारण कंपनी का सकल लाभ मार्जिन 3.6 अंक घटकर 65.8 प्रतिशत रह गया। फिर भी, लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता के चलते कंपनी की कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) छह प्रतिशत बढ़कर 226 करोड़ रुपये हो गई। क्षेत्रवार आधार पर, भारत में परिचालन आय लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 911.96 करोड़ रुपये रही, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार से आय लगभग 10 प्रतिशत घटकर 127.25 करोड़ रुपये रह गई।


इमामी के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हर्ष वी. अग्रवाल ने कहा कि भू-राजनीतिक चुनौतियों, महंगाई और असामान्य गर्मी के मौसम के बावजूद कंपनी ने मजबूत राजस्व वृद्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनी की विकास रणनीति के महत्वपूर्ण तत्व बनते जा रहे हैं। कंपनी के वाइस चेयरमैन एवं पूर्णकालिक निदेशक मोहन गोयनका ने कहा कि अनुशासित क्रियान्वयन, लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता के कारण कंपनी बढ़ी हुई लागत के बावजूद आय में वृद्धि दर्ज करने में सफल रही।


उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि जिंस कीमतों में नरमी और नए उत्पादों की मजबूत श्रृंखला से भविष्य में लाभप्रदता को समर्थन मिलेगा।